जयपुर: राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मणिपुर से लेकर हरियाणा और राजस्थान तक फैले अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 90 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये बताई जा रही है।
ANTF के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि कई महीनों तक चले खुफिया अभियान और तकनीकी निगरानी के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि यह ANTF की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक है, जिसके लिए टीमों को कई बार मणिपुर भेजकर नेटवर्क की जमीनी और तकनीकी पड़ताल की गई।
महीनों की निगरानी के बाद मिली सफलता
विकास कुमार के अनुसार, एजेंसी को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि पूर्वोत्तर राज्यों से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ राजस्थान और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में पहुंचाए जा रहे हैं। इसी आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों और उनके संपर्कों पर निगरानी रखी गई।
जांच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति की लगातार मणिपुर और राजस्थान के बीच आवाजाही सामने आई। उसकी गतिविधियों का विश्लेषण करने के बाद ANTF ने पूरे नेटवर्क की परतें खोलनी शुरू कीं।
मोबाइल, गाड़ियां और ठिकाने बदलता रहा संदिग्ध
जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुख्य संदिग्ध लगातार मोबाइल फोन, वाहन और ठिकाने बदलकर निगरानी से बचने की कोशिश करता रहा। वह मणिपुर में अफीम की खेप का सौदा करने के बाद उत्तर भारत के विभिन्न शहरों में घूमता रहा, जबकि ANTF की टीमें उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं।
एक चरण में संदिग्ध को जयपुर के पास रोककर पूछताछ भी की गई, लेकिन शुरुआती तलाशी में कोई बड़ी बरामदगी नहीं हुई। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की गई।
फास्टैग से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान एक संदिग्ध फास्टैग खाते की जानकारी सामने आई, जिससे एक ट्रक की पहचान हुई। ट्रक का रूट मणिपुर से असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश होते हुए हरियाणा तक पहुंचता पाया गया।
इसके बाद ANTF की टीमें ट्रक की निगरानी में जुट गईं। हरियाणा के सिरसा क्षेत्र में ट्रक को चिन्हित किया गया और स्थानीय एजेंसियों के सहयोग से कार्रवाई की योजना बनाई गई।
ट्रक के गुप्त तहखाने से मिली अफीम
जांच अधिकारियों के अनुसार, ट्रक की प्रारंभिक तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, गहन निरीक्षण के दौरान वाहन के निचले हिस्से में लोहे की प्लेटों और बोल्टों से तैयार किया गया एक गुप्त कक्ष मिला।
इस छिपे हुए तहखाने को खोलने पर 95 पैकेटों में रखी करीब 90 किलोग्राम अफीम बरामद हुई।
पांच राज्यों में फैला था नेटवर्क
विकास कुमार ने बताया कि यह अभियान जम्मू, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से जुड़े नेटवर्क पर केंद्रित था। इसी वजह से इस ऑपरेशन को “ऑपरेशन जमुहार” नाम दिया गया, जो इन राज्यों के नामों के शुरुआती अक्षरों से तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान तथा गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ANTF ने मांगी आमजन की मदद
विकास कुमार ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को मादक पदार्थों की तस्करी या उससे जुड़े व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी हो तो वह ANTF नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

