जयपुर: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) ने गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, ऑडिट दस्तावेजों में खामियों और लाखों रुपये की सब्सिडी के हिसाब-किताब में गड़बड़ी के आरोपों के बाद राजेंद्र नांदू गुट के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। RCA ने न केवल नांदू गुट की मान्यता समाप्त कर दी है, बल्कि राजेंद्र नांदू पर छह साल का प्रतिबंध भी लगा दिया है।
RCA की आंतरिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। एसोसिएशन का दावा है कि जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, ऑडिट रिपोर्ट, उपयोगिता प्रमाण पत्र और अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां पाई गईं।
मान्यता नहीं थी, फिर भी उठा लिए लाखों रुपये
RCA की जांच के अनुसार, राजेंद्र नांदू ने नागौर जिला क्रिकेट संघ के नाम पर उन वर्षों की वित्तीय सहायता और सब्सिडी प्राप्त की, जब उनके गुट को RCA की मान्यता प्राप्त नहीं थी।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2025 में नांदू गुट ने एकमुश्त करोड़ों नहीं बल्कि लाखों रुपये की ऐसी वित्तीय सहायता प्राप्त की, जो पूर्व वर्षों के नाम पर जारी की गई थी। RCA का आरोप है कि इन राशि के उपयोग का कोई संतोषजनक रिकॉर्ड, बिल, वाउचर या ऑडिट विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।
सब्सिडी और इंफ्रास्ट्रक्चर मद में उठाए गए लाखों रुपये
RCA रिकॉर्ड के अनुसार नागौर जिला क्रिकेट संघ को विभिन्न वर्षों में निम्न मदों के तहत राशि जारी की गई थी:
वर्ष 2016-17 और 2017-18 की सब्सिडी के रूप में 6 लाख रुपये
वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक की सब्सिडी के रूप में 9 लाख रुपये
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 14 लाख रुपये
क्रिकेट उपकरण और अन्य गतिविधियों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता
RCA का कहना है कि यह राशि वर्ष 2025 में उठाई गई, जबकि संबंधित अवधि में नांदू गुट की मान्यता को लेकर गंभीर सवाल मौजूद थे।
ऑडिट रिपोर्टों में भी मिलीं बड़ी खामियां
जांच के दौरान सबसे गंभीर मामला ऑडिट दस्तावेजों से जुड़ा सामने आया। RCA के अनुसार वर्ष 2019 से 2025 तक प्रस्तुत ऑडिट रिपोर्टों में अनिवार्य UDIN (Unique Document Identification Number) नहीं था, जिससे उनकी वैधता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए।
इसके अलावा वर्ष 2013 से 2016 तक की ऑडिट रिपोर्टें जांच टीम को उपलब्ध ही नहीं कराई गईं।
RCA ने दावा किया कि कई महत्वपूर्ण वित्तीय अभिलेख, बैंक रिकॉर्ड, बिल, वाउचर और उपयोगिता प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत नहीं किए गए।
रिकॉर्ड में मिलीं गंभीर विसंगतियां
जांच में यह भी सामने आया कि सदस्यता रिकॉर्ड, संबद्ध क्लबों का विवरण, चुनावी अभिलेख और अन्य प्रशासनिक दस्तावेज पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराए गए।
RCA के अनुसार कई मामलों में जिला क्रिकेट संघ और RCA के रिकॉर्ड आपस में मेल नहीं खाते थे। जांच टीम को ऐसे दस्तावेज भी मिले, जिनकी जानकारी और विवरण एसोसिएशन के आधिकारिक रिकॉर्ड से अलग पाए गए।
इसके अलावा विभिन्न मंचों और अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत अभ्यावेदनों में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने और भ्रामक दस्तावेज पेश करने के आरोप भी जांच में सामने आए हैं।
जवाब का मौका दिया, नहीं मिला संतोषजनक स्पष्टीकरण
RCA का कहना है कि कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया गया था। हालांकि, जांच समिति को कोई संतोषजनक जवाब या प्रमाण नहीं मिला।
इसी आधार पर RCA की जनरल बॉडी ने 15 मई को सर्कुलेशन के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर राजेंद्र नांदू गुट की मान्यता समाप्त करने का फैसला लिया।
6 साल का प्रतिबंध, क्रिकेट जगत में बड़ी कार्रवाई
RCA ने राजेंद्र नांदू पर छह वर्षों का प्रतिबंध भी लगाया है। क्रिकेट प्रशासन से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह फैसला केवल एक संगठनात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि क्रिकेट प्रशासन में जवाबदेही, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
RCA का कहना है कि क्रिकेट संस्थाओं में वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

