जोधपुर में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2026 केवल आय–व्यय का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की ठोस कार्ययोजना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में बजट लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय दीर्घकालिक राष्ट्र निर्माण का औजार बन चुका है।
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा राजस्थान की ओर से आयोजित बजट युवा सम्मेलन में शेखावत ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले बजट का इस्तेमाल अक्सर चुनावी लाभ के लिए किया जाता था, जबकि अब सरकार की प्राथमिकता “कहने” की नहीं बल्कि “करके दिखाने” की है। उन्होंने बताया कि बजट निर्माण से पहले देशभर के युवाओं से विचार-विमर्श किया गया और उनके सुझावों ने नीतियों को दिशा दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में सड़कों, रेल नेटवर्क, हवाई अड्डों और लॉजिस्टिक्स में अभूतपूर्व निवेश हुआ है। रेलवे का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण, वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार और हवाई अड्डों की बढ़ती संख्या इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के विस्तार से सरकार के संसाधन बढ़े हैं, जिससे रोजगार, उद्योग और आम आदमी की आय में वृद्धि हो रही है।
शेखावत ने शिक्षा, एसटीईएम और बेटियों के सशक्तीकरण पर जोर देते हुए बताया कि हर जिले में पूर्ण सुविधाओं वाला गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। उन्होंने युवाओं से सरकारी नौकरी के साथ-साथ उद्यमिता और नवाचार को भी लक्ष्य बनाने की अपील की।
इस बीच, जोधपुर में मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने भारत–अमेरिका ट्रेड समझौते को देश की आर्थिक और कूटनीतिक सफलता बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों पर प्रभावी शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाना जोधपुर के विश्व प्रसिद्ध हस्तशिल्प उद्योग के लिए बड़ी राहत है। इससे निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते को “मदर ऑफ ऑल एग्रीमेंट्स” बताते हुए कहा कि इससे मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को नई गति मिलेगी। साथ ही हालिया बजट में एमएसएमई, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर दिए गए जोर को स्थानीय उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
जोधपुर प्रवास के दौरान शेखावत ने हस्तशिल्प निर्यातकों से संवाद भी किया। निर्यातकों ने इस व्यापारिक समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और उम्मीद जताई कि आने वाला वर्ष हस्तशिल्प और निर्यात क्षेत्र के लिए बेहतर साबित होगा।

