कोटा, 16 जून।
राजस्थान विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष व वरिष्ठ भाजपा नेता राजेन्द्र राठौड़ ने कोटा में आयोजित एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक प्रकरण देश के 22 लाख विद्यार्थियों और उनके परिवारों से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील विषय है। आगामी 21 जून को नीट की दोबारा परीक्षा होने जा रही है। ऐसे में परीक्षा से महज 5 दिन पहले 17 जून को कोटा में राजनीतिक कार्यक्रम करने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि इसमें मेहनतकश छात्र और उनके परिवार शामिल नहीं होंगे।
राठौड़ ने तंज कसते हुए शायराना अंदाज में कहा, “हुजूर आते-आते बहुत देर कर दी।” जब विगत कांग्रेस सरकार के समय 19 पेपर लीक हुए थे, तब राहुल गांधी को युवाओं के सपनों पर प्रहार और गहलोत सरकार की विफल भर्ती व्यवस्था की याद क्यों नहीं आई?
राठौड़ ने कहा कि नीट पेपर लीक का सबसे पहला बड़ा खुलासा राजस्थान एसओजी ने किया था, जिसने परीक्षा से पहले लीक हुए उस ‘गेस पेपर’ को पकड़ा जिसके 125 से अधिक प्रश्न (रसायन विज्ञान के 45 में से 45 और जीव विज्ञान के 90 में से 90 प्रश्न) हूबहू वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। एसओजी की इसी जांच के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा और सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी सहित 13 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी मुस्तैदी से कार्रवाई कर रही है, तब कांग्रेस इस संवेदनशील विषय पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।
भाजपा नेता ने भजनलाल सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में राजस्थान की बेरोजगारी दर औसतन 28 से 35 फीसदी थी, जो आज घटकर मात्र 7.4 फीसदी रह गई है। भजनलाल सरकार ने सत्ता संभालते ही एसआईटी का गठन किया, जिसके तहत 155 एफआईआर दर्ज कर 515 जालसाजों को गिरफ्तार किया गया। वर्तमान सरकार ने अब तक 1.25 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी हैं, 1.45 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और वर्ष 2026 के लिए 44 परीक्षाओं का स्पष्ट कैलेंडर जारी किया जा चुका है। एसआईटी के गठन के बाद से राज्य में 410 परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक और बिना नेटबंदी के सफलतापूर्वक आयोजित कराई गई हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2026-27 में राज्य की जीएसडीपी बढ़कर 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये (41.39% की बढ़ोतरी) और प्रति व्यक्ति आय 2 लाख 2 हजार रुपये पहुंच गई है, जो मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है।
राठौड़ ने कहा कि आगामी नीट परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए हैं और एग्जाम माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, संभाग प्रभारी नाहर सिंह, जिला प्रभारी अजीत मेहता, सह-प्रभारी स्नेहा कंबोज और शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन भी उपस्थित रहे।
बच्चों को भविष्य प्यारा है, कांग्रेस का सर्कस नहीं: हीरालाल नागर
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि गहलोत जी, आप डेमोक्रेसी की दुहाई दे रहे हैं, लेकिन जरा कॉमन सेंस लगाइए। नीट परीक्षा में सिर्फ 3 दिन बचे हैं। कोटा में बच्चे अपना करियर बनाने आते हैं और दिन-रात एक करके पढ़ाई करते हैं। वे आखिरी वक्त में अपनी किताबें छोड़कर राहुल गांधी का राजनीतिक प्रवचन सुनने क्यों जाएंगे? इसमें किसी को धमकाने की जरूरत नहीं है। यह बच्चों का सीधा फैसला है कि उन्हें अपना भविष्य प्यारा है, कांग्रेस का सर्कस नहीं। जब बच्चे पढ़ाई को चुन रहे हैं, तो लोकतंत्र खतरे में कैसे आ गया? यह ‘भय का माहौल’ और ‘धमकी’ जैसी मनगढ़ंत कहानियां सिर्फ राजस्थान कांग्रेस की डूबती नैया और अपनी नाकामी को छुपाने का एक घटिया प्रयास है। असल डर तो कांग्रेस नेताओं के दिमाग में है कि वे राहुल गांधी के सामने इस ‘फ्लॉप शो’ की सफाई कैसे देंगे।
भय का माहौल भाजपा में नहीं, बल्कि फ्लॉप होने के डर से कांग्रेस में है: राजेन्द्र राठौड़
राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि भाजपा वाले कोचिंग संचालकों को धमका रहे हैं। असल में भय का माहौल कांग्रेस के भीतर है कि कहीं यह राजनीतिक इवेंट फ्लॉप न हो जाए। इसी डर से गहलोत जी के कहने पर उनके खासमखास पूर्व मंत्री और उनकी पूरी टोली कोचिंग-कोचिंग घूमकर बच्चों को रैली में भेजने की मिन्नतें कर रही है क्योंकि यह उनकी नाक का सवाल है। जिस व्यक्ति को यह नहीं पता कि 4 दिन बाद बच्चों की महत्वपूर्ण परीक्षा है, वह उनके माता-पिता से पढ़ाई छोड़कर रैली में आने को कह रहा है। इसे कहते हैं असली भय का माहौल। 19 पेपर लीक का रिकॉर्ड बनाने वाले गहलोत जी का बच्चों की चिंता से कोई लेना-देना नहीं है। वे भूल गए कि खुद सचिन पायलट ने उनकी जादूगरी पर सवाल उठाए थे। अब राजस्थान और आलाकमान दोनों पर जादूगरी न चलने के कारण वे बेचैनी में अनर्गल टिप्पणियां कर रहे हैं।

