जयपुर: शहर के सोडाला स्थित गीता आश्रम स्कूल में पिंक सिटी वेंडर्स एसोसिएशन और हैरिटेज थड़ी-ठेला यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 32 वेंडर लीडर्स ने हिस्सा लिया और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के सामने आने वाली वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियों पर चर्चा की।
बैठक के दौरान जीविका टीम और टाटा ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने वेंडरों के साथ फोकस ग्रुप चर्चा की। इसमें बैंकिंग सेवाओं, ऋण, पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और विभिन्न सरकारी योजनाओं तक पहुंच में आने वाली दिक्कतों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
वेंडर संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि नगर निगम की ओर से आवेदन पत्रों में तकनीकी त्रुटियां बताकर कई वेंडरों के फॉर्म निरस्त कर दिए जाते हैं। इसके अलावा औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था तक आसान पहुंच नहीं होने के कारण कई वेंडरों को निजी साहूकारों से 14 से 20 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
जीविका टीम ने बताया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए ‘जीविका 2.0’ ऐप में सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़ी जानकारी और विकल्प शामिल करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि वेंडरों को एक ही मंच पर आवश्यक सहायता मिल सके।
बैठक के अंत में अलग-अलग समूहों में कानूनी चुनौतियों और उनके संभावित समाधान पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने वेंडरों की आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

