राजस्थान में 2024 में सड़क हादसों में 11,700 से अधिक मौतें,हर दिन औसतन 32 लोगों की गई जान

Jaipur Rajasthan

रिपोर्टर:पीहू गोयल

राजस्थान में सड़क दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में राज्य में लगभग 24,800 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 11,700 से अधिक लोगों की मौत हुई। इसका मतलब है कि प्रदेश में हर दिन औसतन 68 सड़क हादसे हुए और 32 लोगों की जान गई।

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2020 में 19,114 दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो 2021 में 20,951, 2022 में 23,614 और 2023 में 24,694 तक पहुंच गईं। वर्ष 2024 में यह संख्या करीब 24,800 रही। हाल के आंकड़ों में दुर्घटनाओं की संख्या में मामूली कमी के संकेत मिले हैं, लेकिन मौतों का आंकड़ा अब भी ऊंचा बना हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के कुल सड़क नेटवर्क का लगभग 3.4 प्रतिशत हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्गों का है, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली करीब 35 प्रतिशत मौतें इन्हीं मार्गों पर दर्ज होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, भारी वाहनों का दबाव और सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं होना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, ओवरस्पीडिंग, लापरवाही से वाहन चलाना, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना, गलत दिशा में वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग और शराब पीकर वाहन चलाना सड़क हादसों की प्रमुख वजह हैं। उनका कहना है कि दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कानून लागू करने के साथ-साथ सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स का उपचार, बेहतर यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।

राजस्थान सरकार ने वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार किया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रशासन, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस, सड़क निर्माण एजेंसियों और आम नागरिकों की साझा भागीदारी आवश्यक होगी।