नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस सादे कपड़ों में धरनास्थल पहुंची और वांगचुक को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, जिससे मौके पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति रही।
वांगचुक कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों की जांच तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने की खबरें सामने आ रही थीं। चिकित्सकीय आंकड़ों के अनुसार, उनका वजन पिछले 24 घंटों में 350 ग्राम और अनशन शुरू होने के बाद कुल मिलाकर लगभग 9.5 किलोग्राम घट चुका था। शुक्रवार को उनका ब्लड प्रेशर 108/68, ब्लड शुगर 70 mg/dL और पल्स रेट 72 प्रति मिनट दर्ज की गई थी।
इस घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वांगचुक के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू कर दी। प्रदर्शन के दौरान उन पर स्याही भी फेंकी गई।
वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेहा, आमीन और मनीष भी पिछले 21 दिनों से अनशन पर हैं। चिकित्सकों ने नेहा को गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया के कारण अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी है, जबकि आमीन और मनीष की तबीयत भी बिगड़ने की जानकारी सामने आई है।
इससे पहले गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की प्रतिदिन चिकित्सकीय निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए। अदालत ने कहा था कि प्रत्येक नागरिक का जीवन बहुमूल्य है और उसकी सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।
वांगचुक और उनके समर्थकों ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की भी घोषणा की थी। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले, सांसद डिंपल यादव, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे सहित कई विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर उनसे मुलाकात की और समर्थन जताया।

