बारिश के मौसम में बच्चों की देखभाल क्यों है ज़रूरी,किन बातों का रखें ध्यान

Health Jaipur Rajasthan

रिपोर्टर:पीहू गोयल

जयपुर: मानसून के दौरान मौसम में ठंडक और राहत मिलती है, लेकिन इसी समय बच्चों में संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में साफ-सफाई, संतुलित खानपान और मच्छरों से बचाव जैसे उपाय अपनाकर कई बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता वयस्कों की तुलना में कम हो सकती है। ऐसे में वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम, फ्लू, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और पेट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बाहर से घर लौटने के बाद हाथ-पैर अच्छी तरह धुलवाना और भोजन से पहले साबुन से हाथ धोने की आदत विकसित करना ज़रूरी है।

बारिश में भीगने पर बच्चों के कपड़े तुरंत बदल देने चाहिए। लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से सर्दी और बुखार होने की आशंका बढ़ सकती है। वहीं, पीने के लिए उबला या फिल्टर किया हुआ पानी देने और घर का ताजा भोजन खिलाने की सलाह दी जाती है। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचने की भी सलाह दी जाती है, क्योंकि दूषित भोजन और पानी से पेट संबंधी संक्रमण हो सकता है।

मानसून के दौरान मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। ऐसे में घर और आसपास पानी जमा न होने देना, बच्चों को पूरे बाजू के कपड़े पहनाना और जरूरत पड़ने पर मच्छरदानी या बच्चों के लिए सुरक्षित मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करना बचाव के अहम उपाय माने जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बच्चे को लगातार बुखार, तेज खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बार-बार उल्टी, दस्त या शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। किसी भी दवा का इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित स्वच्छता, संतुलित आहार और समय पर टीकाकरण जैसी सावधानियां अपनाकर मानसून के दौरान बच्चों को कई मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है।