रिपोर्टर:हर्षित नागदा
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के अन्य सांसद शामिल हुए। विपक्ष ने छात्रों से जुड़े मुद्दों, परीक्षा व्यवस्था और हाल के छात्र आंदोलनों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसदों ने तख्तियां लेकर नारेबाजी की। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और प्रशासनिक लापरवाही से बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के विरोध प्रदर्शनों से संवाद करने के बजाय पुलिस कार्रवाई की गई, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं का भविष्य देश की प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने परीक्षा संबंधी विवादों और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने और ठोस कदम उठाने की मांग की।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रदर्शन के दौरान कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान होना चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि जवाबदेही तय किए बिना युवाओं का भरोसा बहाल नहीं हो सकता।
वहीं, केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि सभी मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने विपक्ष पर इन मुद्दों का राजनीतिकरण करने का भी आरोप लगाया है।
छात्रों के मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस विषय पर संसद में भी चर्चा होने की संभावना है।

