मानसून में खानपान:बारिश के मौसम में क्या खाएं और किन चीजों से बचें?

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पीहू गोयल की रिपोर्ट

मानसून गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में खानपान और स्वच्छता को लेकर थोड़ी-सी लापरवाही भी फूड पॉइजनिंग, डायरिया, टाइफाइड और पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं की वजह बन सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। ऐसे में ताजा, गर्म और घर का बना भोजन प्राथमिकता होनी चाहिए। दाल, खिचड़ी, दलिया, मौसमी सब्जियां और ताजे फल संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। साथ ही, पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ या उबला हुआ पानी पीने की भी सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने के लिए प्रोटीन, विटामिन-सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। दालें, पनीर, अंडे और अंकुरित अनाज प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। वहीं आंवला, अमरूद, नींबू, संतरा और अनार जैसे फल विटामिन-सी प्रदान करते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकते हैं। दलिया, ओट्स और साबुत अनाज पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक होते हैं, जबकि हल्दी, अदरक और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थ प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं।

विशेषज्ञ खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ, कटे हुए फल, बासी भोजन और दूषित पानी के सेवन से बचने की सलाह देते हैं। इसके अलावा फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोने, भोजन स्वच्छ वातावरण में तैयार करने और खाने से पहले हाथ साफ रखने पर भी जोर दिया जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार और स्वच्छता से जुड़ी सावधानियां अपनाकर मानसून के दौरान संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखा जा सकता है।