राजस्थान स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप:800 से ज़्यादा खिलाड़ी मैदान में,राज्य में उभरती खेल संस्कृति की नई तस्वीर

Jaipur Rajasthan

रिपोर्टर:हर्षित नागदा

जयपुर: जयपुर के सवाई मानसिंह इंडोर बैडमिंटन हॉल में आयोजित राजस्थान स्टेट रैंकिंग बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में राज्यभर से 800 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 23 से 29 जुलाई तक चलने वाली यह प्रतियोगिता सिर्फ राज्य स्तरीय खिताब तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी नॉर्थ ज़ोन बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए राजस्थान की टीम के चयन का भी प्रमुख आधार है।

हाल के वर्षों में राजस्थान में बैडमिंटन का दायरा तेजी से बढ़ा है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा और सीकर जैसे शहरों में निजी अकादमियों और आधुनिक इंडोर कोर्टों की संख्या बढ़ने से छोटे शहरों के खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के अवसर मिले हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रफ्तार बनी रही, तो राजस्थान आने वाले वर्षों में बैडमिंटन प्रतिभाओं का एक मजबूत केंद्र बन सकता है।

इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों का प्रदर्शन केवल पदकों तक सीमित नहीं है। प्रत्येक मुकाबला खिलाड़ियों की आधिकारिक रैंकिंग, राज्य टीम में चयन और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी की संभावनाओं को भी प्रभावित करता है। इसी वजह से इसे राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए सबसे अहम प्रतियोगिताओं में से एक माना जाता है।

प्रतियोगिता में अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19 और सीनियर वर्ग के मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार महिला खिलाड़ियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि लड़कियों की बढ़ती भागीदारी राज्य की खेल संस्कृति में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंडोर कोर्ट की कमी, प्रशिक्षित कोचों की सीमित उपलब्धता, महंगे उपकरण और छोटे जिलों में नियमित प्रतियोगिताओं का अभाव जैसी चुनौतियां अब भी मौजूद हैं। उनका कहना है कि यदि खेल अवसंरचना और जमीनी स्तर पर निवेश बढ़ाया जाए, तो राजस्थान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है।

राजस्थान बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव के.के. शर्मा का कहना है कि राज्य में प्रतियोगिताओं की संख्या बढ़ाने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, मनोज दासोत, जो जयपुर डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव और राजस्थान बैडमिंटन एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके हैं, का कहना है कि जिला स्तर पर प्रतिभाओं को अवसर देना और प्रतिस्पर्धी माहौल तैयार करना राज्य के बैडमिंटन विकास की प्राथमिकता है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि जयपुर में चल रही यह चैंपियनशिप केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राजस्थान में बदलती खेल संस्कृति और उभरती नई प्रतिभाओं की तस्वीर भी पेश करती है।