झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद:JMM ने छात्रों को दिया समर्थन,सरकार ने दिया हाई-लेवल कमेटी का भरोसा

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रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का समर्थन किया है। पार्टी ने कहा है कि सरकार उनकी मांगों पर विचार के लिए एक-दो दिन में उच्चस्तरीय समिति गठित करेगी।

JMM के महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों से अवगत है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से छात्र JPSC, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच, पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इसी आंदोलन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 2 अगस्त से आमरण अनशन शुरू किया था। बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बातचीत की और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पानी पीने की अपील की। इसके बाद महतो ने पानी और नमक लेने पर सहमति जताई, लेकिन स्पष्ट किया कि सरकार के उनकी मांगें मानने तक उनका अनशन जारी रहेगा।

महतो ने कहा कि सोनम वांगचुक ने झारखंड के छात्रों के आंदोलन को लगातार समर्थन देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस बीच प्रशासन की ओर से एसडीएम और एडीएम ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता का निमंत्रण दिया। हालांकि छात्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री से बातचीत प्रदर्शन स्थल पर और सभी छात्रों की मौजूदगी में ही होनी चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव पर निर्णय लेने के लिए समय मांगा है।

उधर, भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भी धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी कहा है कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।