अलवर से 17 जिलों को 6,453 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात,अमित शाह बोले- सहकारिता से गांवों को समृद्ध बनाना लक्ष्य

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अलवर/जयपुर, 16 अगस्त। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को अलवर के विजयनगर ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के 17 जिलों के लिए 6,453 करोड़ रुपये की लागत वाले 954 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान किसानों, पशुपालकों और युवाओं के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की गई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

‘2047 तक भारत को विकसित बनाना है तो चार वर्गों को सशक्त करना होगा’

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित देश बनाना है तो गरीब, युवा, अन्नदाता और महिला—इन चार वर्गों को सशक्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इसी लक्ष्य के साथ काम कर रही है।

शाह ने कहा कि सहकारिता के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है और प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य है कि देश का कोई भी गांव सहकारिता से वंचित न रहे।

अलवर में डेयरी प्लांट की क्षमता 5 लाख लीटर होगी

कार्यक्रम में 200 करोड़ रुपये की लागत वाले अलवर सरस डेयरी के नए प्लांट का शिलान्यास किया गया। फिलहाल इसकी क्षमता 3 लाख लीटर प्रतिदिन होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है।

अमित शाह ने कहा कि जब पशुपालकों से रोजाना बड़ी मात्रा में दूध खरीदा जाएगा और उसका भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचेगा तो इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सहकारी डेयरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने और नई पीढ़ी के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की क्षमता रखती है।

उन्होंने बताया कि 274 करोड़ रुपये की लागत से भीलवाड़ा, जयपुर, पाली और राजसमंद में सरस डेयरी के चार प्लांट भी शुरू किए जा रहे हैं।

चार नए जिला सहकारी बैंक, किसानों को शून्य ब्याज पर ऋण

अमित शाह ने बताया कि फलोदी, बालोतरा, डीडवाना-कुचामन और प्रतापगढ़ में चार नए जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों की शुरुआत की गई है। इन बैंकों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में फिलहाल करीब 44 हजार सहकारी समितियां हैं और सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर गांव में कम से कम एक सहकारी समिति हो।

67 लाख किसानों के खातों में 667 करोड़ रुपये

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की छठी किस्त के तहत करीब 67 लाख किसानों के खातों में 667 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के जरिए भेजी गई।

इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 152 करोड़ रुपये की राशि भी किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई।

अमित शाह ने कहा कि राजस्थान के 17 जिलों में 6,453 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के अलावा चित्तौड़गढ़ में भी करीब 5,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत हुई है। उनके मुताबिक, इस तरह एक ही दिन में राज्य में करीब 11,953 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास और भूमिपूजन हुआ।

‘मोदी सरकार ने किसानों के लिए हर साल नई योजना शुरू की’

अमित शाह ने केंद्र सरकार की किसान और पशुपालक योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से 2026 के बीच लगभग हर साल किसानों के लिए कोई न कोई बड़ी योजना शुरू की गई।

उन्होंने गोकुल मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, ई-नाम, किसान संपदा योजना, एमएसपी में वृद्धि, पीएम किसान सम्मान निधि, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, मत्स्य संपदा योजना, सहकारिता मंत्रालय, किसान समृद्धि केंद्र और पीएम धन-धान्य कृषि योजना जैसी पहलों का उल्लेख किया।

शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने एमएसपी पर बड़ी मात्रा में अनाज की खरीद की है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के दौरान बाजरा, सरसों, गेहूं, कपास और ज्वार समेत कई फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

‘डबल इंजन की सरकार से राजस्थान के हर कोने तक पहुंच रहा विकास’

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राजस्थान सरकार डबल इंजन की गति और शक्ति के साथ प्रदेश के हर हिस्से तक विकास पहुंचाने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि 17 जिलों को मिली 6,453 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और विकास की गति को तेज करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री के नेतृत्व में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा और दिशा मिली है। उन्होंने डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और ग्रामीण महिलाओं तथा दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘श्वेत क्रांति 2.0’ को महत्वपूर्ण पहल बताया।

भूगोर तिराहे का नाम अब ‘कप्तान छुट्टनलाल मीणा चौक’

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अलवर के भूगोर तिराहे का नाम बदलकर ‘कप्तान छुट्टनलाल मीणा चौक’ करने की घोषणा की।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव के तहत 10,548 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। कार्यक्रम में किसानों के खातों में सम्मान निधि और फसल बीमा की राशि ट्रांसफर किए जाने के साथ विभिन्न डेयरी प्रोसेसिंग और कैटल फीड प्लांट का भी लोकार्पण किया गया।

17 जिलों में विकास कार्य

अलवर से जिन 17 जिलों को विकास कार्यों की सौगात दी गई, उनमें जयपुर में 1,354 करोड़ रुपये के 47 कार्य, हनुमानगढ़ में 980 करोड़ रुपये के 152 कार्य, टोंक में 604 करोड़ रुपये के 64 कार्य, अजमेर में 547 करोड़ रुपये के 40 कार्य और भीलवाड़ा में 526 करोड़ रुपये के 86 कार्य शामिल हैं।

इसके अलावा नागौर, अलवर, खैरथल-तिजारा, सवाई माधोपुर, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, चूरू, झुंझुनूं, करौली, दौसा, ब्यावर और डीडवाना-कुचामन में भी करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।