जोधपुर में सितंबर में होगा दूसरा चैलेंज कप बास्केटबॉल टूर्नामेंट,शेखावत बोले- खेल युवाओं में नेतृत्व और अनुशासन विकसित करते हैं

Jodhpur Rajasthan

जोधपुर, 16 अगस्त। जोधपुर में राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन सितंबर में किया जाएगा। द्वितीय जोधपुर चैलेंज कप बास्केटबॉल प्रतियोगिता 8 से 12 सितंबर तक उम्मेद स्टेडियम में होगी, जिसमें महिला और पुरुष वर्ग की राष्ट्रीय स्तर की टीमें हिस्सा लेंगी।

प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर जिला बास्केटबॉल एसोसिएशन की ओर से रविवार को पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री और जोधपुर बास्केटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रतियोगिता से जुड़ी जानकारी साझा की।

शेखावत ने कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उनके मुताबिक, खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के आयोजन युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देते हैं।

करीब 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि

जिला बास्केटबॉल एसोसिएशन के सचिव देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि प्रतियोगिता में खिलाड़ियों और विजेता टीमों के लिए करीब 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में महिला और पुरुष दोनों वर्गों की टीमें हिस्सा लेंगी। राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों के मैदान में उतरने से मुकाबले प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद है।

उम्मेद स्टेडियम में पहली बार बड़ा आयोजन

एसोसिएशन के मुताबिक, पहले जोधपुर चैलेंज कप का आयोजन एम्स परिसर स्थित बास्केटबॉल कोर्ट में किया गया था। प्रतियोगिता को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद इस बार इसका दायरा बढ़ाया गया है और मुकाबले उम्मेद स्टेडियम में कराए जाएंगे।

आयोजकों का कहना है कि बड़े मैदान और बेहतर दर्शक क्षमता के चलते इस बार अधिक खेलप्रेमियों के प्रतियोगिता से जुड़ने की उम्मीद है।

स्थानीय खिलाड़ियों को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों से सीखने का मौका

प्रतियोगिता का एक उद्देश्य जोधपुर और राजस्थान की उभरती बास्केटबॉल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना भी है। आयोजकों के मुताबिक, स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनके खेल को करीब से देखने का मौका मिलेगा।

एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से जोधपुर में बास्केटबॉल को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।

एमबीएम विश्वविद्यालय में 1974 बैच के वेलफेयर सेंटर का लोकार्पण

इसी दिन केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एमबीएम विश्वविद्यालय में 1974 बैच द्वारा बनाए गए ‘गोल्डन जुबली स्टूडेंट वेलफेयर सेंटर’ का भी लोकार्पण किया।

इस मौके पर शेखावत ने कहा कि किसी व्यक्ति के लिए धन, नाम और पद हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे भी ज्यादा अहम यह है कि वह अपने पीछे क्या छोड़कर जाता है। उन्होंने 1974 बैच की ओर से बनाए गए भवन को केवल एक इमारत नहीं बल्कि पांच दशक की दोस्ती और पूर्व छात्रों के योगदान की याद बताया।

‘संस्थान से मिली चीजों को वापस लौटाना नैसर्गिक दायित्व’

शेखावत ने कहा कि भारत की संस्कृति में समाज, परिवार और शिक्षण संस्थान से मिली चीजों को वापस लौटाने की भावना हमेशा से रही है। उनके मुताबिक, आज इसे कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी सीएसआर के नाम से जाना जाता है, लेकिन समाज के प्रति योगदान भारतीय संस्कृति में लंबे समय से मौजूद रहा है।

उन्होंने कहा कि एमबीएम के पूर्व छात्रों का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण है और मजबूत एल्युमिनाई नेटवर्क किसी भी संस्थान की बड़ी ताकत होता है।

छात्रसंघ अध्यक्ष रहते गर्ल्स हॉस्टल का किस्सा सुनाया

शेखावत ने अपने 1992 के छात्रसंघ अध्यक्ष कार्यकाल से जुड़ी यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उस दौर में इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्राओं की संख्या बढ़ने के बाद हॉस्टल की समस्या सामने आई थी। छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बातचीत और प्रयासों के बाद उनके लिए अलग हॉस्टल की व्यवस्था की गई।

उन्होंने एमबीएम से जुड़ी अपनी पुरानी यादों का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के परिसर का लगभग हर हिस्सा उनके जीवन की किसी न किसी स्मृति से जुड़ा है।

कार्यक्रम में 1974 बैच के संयोजक किशन सिंह गहलोत, सोहन बुद्रा समेत पूर्व छात्र और विश्वविद्यालय से जुड़े लोग मौजूद रहे।

दोनों आयोजनों के जरिए जोधपुर में शिक्षा, एल्युमिनाई योगदान और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।