बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक:चुनावी तैयारी,संगठन विस्तार और ‘वंदे मातरम’ पर जोर

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के साथ पहली परिचयात्मक बैठक की, जिसमें आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में हुई बैठक से पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरे गाए गए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिनभर अलग-अलग बैठकों में नए पदाधिकारियों का परिचय, संगठनात्मक मुद्दों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से जुड़े कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई।

नितिन नवीन ने 17 अगस्त को 65 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की थी, जिसमें 51 नए चेहरों को शामिल किया गया है। टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ राष्ट्रीय महासचिव हैं।

नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और भाजपा नेता राम माधव को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। विनोद तावड़े और सुनील बंसल राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बने रहेंगे, जबकि बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि राजस्थान के राजेश मंगल को राष्ट्रीय संयुक्त कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के पद पर बने रहेंगे।

वसुंधरा राजे समेत अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी

नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, बैजयंत जय पांडा और रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में बरकरार रखा गया है। तीरथ सिंह रावत, राम माधव और डी. पुरंदेश्वरी सहित कई अनुभवी नेताओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारियां मिली हैं।

टीम में 12 महिलाओं को शामिल किया गया है। इनमें स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है, जबकि वसुंधरा राजे और डी. पुरंदेश्वरी समेत कई महिला नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अन्य पदों की जिम्मेदारी दी गई है।

भाजपा ने अपने विभिन्न मोर्चों के लिए भी नए अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। हेमांग जोशी को युवा मोर्चा और रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है।

पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव वाले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और पंजाब के नेताओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। बीजेपी के सामने अब नई टीम के जरिए चुनावी राज्यों में संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की चुनौती होगी।