कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने जयपुर में मतदान के बाद कहा कि लंबे इंतजार के बाद राजस्थान में हो रहे निकाय चुनाव यह तय करेंगे कि पिछले करीब ढाई साल में सरकार ने कितना काम किया है। उन्होंने लोगों से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की और दावा किया कि कांग्रेस इस बार पहले से बेहतर प्रदर्शन करेगी।
पायलट ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव कराने में सरकार ने देरी की और हाई कोर्ट की फटकार के बाद चुनाव कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहरों में विकास की रफ्तार धीमी हुई है और कानून-व्यवस्था भी बड़ा मुद्दा है।
उन्होंने जयपुर में हाल में हुई कथित अपहरण की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर राजधानी में कानून-व्यवस्था की ऐसी स्थिति है तो ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने इन चुनावों में जमीनी स्तर पर प्रचार किया है और पार्टी को अच्छे नतीजों की उम्मीद है।
पंजाब में कांग्रेस की रणनीति पर क्या बोले पायलट?
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनाए जाने के बाद सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब देश के लिए बेहद अहम और सीमावर्ती राज्य है, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग्स, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था बड़े मुद्दे हैं। पायलट ने कहा कि युवाओं का विदेश जाना भी गंभीर चिंता का विषय है और कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी।
उन्होंने कहा कि पंजाब के नेताओं से उनकी शुरुआती दौर की बातचीत हो चुकी है और जल्द ही पार्टी औपचारिक चुनाव अभियान शुरू करेगी। पायलट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी पंजाब में चुनाव प्रचार की कमान संभालने का आग्रह किया है।
‘मुख्यमंत्री चेहरे का फैसला चुनाव जीतने के बाद’
पंजाब में कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर पायलट ने कहा कि पार्टी की परंपरा रही है कि सत्ता में होने पर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाता है, जबकि विपक्ष में होने पर प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और दूसरे वरिष्ठ नेता मिलकर चुनाव लड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद ही यह तय किया जाता है कि किसे कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस में संभावित वापसी के सवाल पर पायलट ने कहा कि इस बारे में पार्टी की ओर से उनसे अभी कोई बातचीत नहीं हुई है।
पंजाब में बीजेपी और अकाली दल के संभावित गठबंधन पर उन्होंने कहा कि दोनों दल अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। पायलट के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में पंजाब में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच रहने की संभावना है।
‘युवाओं के भविष्य पर होना चाहिए राजनीति का फोकस’
पायलट ने कहा कि राजस्थान हो या पंजाब, आने वाला समय युवाओं का है। उनके मुताबिक शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और बेहतर स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दे युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच असुरक्षा और नाराजगी को समझना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है और धर्म या जाति के बजाय उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर राजनीति होनी चाहिए।

