इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से भर्ती, परीक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि छात्रों को सवाल पूछने, जिज्ञासु बने रहने और अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों और व्यवस्था के बीच संघर्ष का एक बड़ा मुद्दा यह है कि व्यवस्था सवाल पूछने वाले युवाओं से असहज होती है। उन्होंने ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसा व्यक्ति सवाल नहीं पूछता, जबकि एक छात्र जिज्ञासु और निडर होता है।
छात्रों ने भर्ती और परीक्षा में देरी के मुद्दे उठाए
कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहे छात्रों ने भर्ती प्रक्रिया में देरी, रिक्त पदों और परीक्षा की पारदर्शिता से जुड़ी शिकायतें रखीं। एक अभ्यर्थी ने दावा किया कि कई भर्तियों में पद वर्षों से लंबित हैं और उम्मीदवार उम्र निकलने के कारण प्रभावित हो रहे हैं।
एक अन्य छात्रा ने आरक्षण से जुड़े मामलों के कारण नियुक्तियों में देरी का मुद्दा उठाया। छात्रों ने कहा कि लंबे समय तक परिणाम और नियुक्तियां अटके रहने से अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ रही है।
दिल्ली में इमारत हादसे में मारे गए छात्र के परिवार से भी मिले
राहुल गांधी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को इमारत गिरने की घटना में जान गंवाने वाले 21 वर्षीय DU छात्र अरपित जाज के परिवार से भी मुलाकात की। परिवार ने छात्र आवासों की सुरक्षा, किराये और भवनों की जांच व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के बीच शिक्षा और व्यवस्था को लेकर भरोसा फिर से मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने छात्रों की जिज्ञासा, ईमानदारी और सवाल पूछने की क्षमता को देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
युवा और रोजगार भी चर्चा के केंद्र में
कार्यक्रम में युवाओं की आबादी और रोजगार का मुद्दा भी सामने आया। दिए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में देश में 15 से 29 वर्ष की उम्र के करीब 36.74 करोड़ युवा हैं। PLFS 2025 के आंकड़ों के अनुसार, इस आयु वर्ग में बेरोजगारी दर 9.9% थी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में 8.3% और शहरी क्षेत्रों में 13.6% रही।
राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में छात्रों के मुद्दों के साथ-साथ भर्ती, परीक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवा राजनीति में भागीदारी पर चर्चा हुई।

