जयपुर, 22 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने और शहरी जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने 19 हजार 149 करोड़ रुपए की लागत वाले राजस्थान अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) फेज-5 की तैयारी कर ली है। यह परियोजना राज्य सरकार की स्वीकृति के उपरांत अब नीति आयोग तथा शहरी विकास मंत्रालय द्वारा परीक्षणाधीन है। परियोजना के वित्तपोषण हेतु ऋण आवेदन पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है। इस वित्तीय सहयोग में एशियन डेवलपमेंट बैंक और विश्व बैंक की भागीदारी प्रस्तावित है।
परियोजना के अंतर्गत राज्य के 296 नगरों में सीवरेज और अपशिष्ट जल प्रबंधन, 41 जिला मुख्यालयों सहित 80 शहरों में जलापूर्ति स्तर में सुधार, 56 शहरों में जलभराव के समाधान, बाढ़ प्रबंधन और विरासत संरक्षण के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना, जयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर और इनके 28 सैटेलाइट कस्बों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से शहरी आधारभूत ढांचे को उन्नत बनाने के कार्य करवाए जाएंगे। संभाग मुख्यालय स्तर के सभी 7 शहरों में शहरी यातायात में सुधार लाने के लिए अर्बन मोबिलिटी प्लान लागू किए जाएंगे। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक प्रदूषण के प्रतिकूल प्रभावों को रोकने के लिए रीको और उद्योग विभाग की आवश्यकता अनुसार कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी किया जाएगा।
परियोजना की अवधि 7 वर्ष होगी और इसमें विश्व बैंक द्वारा 414 मिलियन डॉलर तथा एडीबी द्वारा 1855 मिलियन डॉलर का निवेश प्रस्तावित है।

