जयपुर नगर निगम हेरिटेज:कार्यवाहक मेयर कुसुम यादव का कार्यकाल पांचवीं बार बढ़ा,विपक्ष में उठी नाराज़गी

Jaipur Rajasthan

राजस्थान सरकार ने जयपुर नगर निगम हेरिटेज की कार्यवाहक मेयर कुसुम यादव के कार्यकाल को एक बार फिर दो महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब वह 24 सितंबर 2025 तक इस पद पर बनी रहेंगी। यह लगातार पाँचवाँ मौका है जब सरकार ने उनका कार्यकाल विस्तार दिया है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

कुसुम यादव को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने नगर निगम में मेयर पद के लिए चुनाव कराने और प्रशासनिक प्रशासक नियुक्त करने की मांग की है। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि पट्टा आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद मेयर कार्यालय पर संदेह गहराया है।

याद रहे कि कुसुम यादव की ओएसडी रहीं हंसा मीणा को इसी भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित किया गया था, जिसके बाद से ही विपक्ष यादव के खिलाफ भी जांच की मांग कर रहा है।

बीजेपी में भी असंतोष

सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बीजेपी के कुछ पार्षद भी कुसुम यादव की कार्यशैली से नाराज़ हैं। पार्टी के विधायक और पदाधिकारियों को कई बार शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। इसके बावजूद सरकार ने एक बार फिर से कुसुम यादव पर भरोसा जताते हुए उनका कार्यकाल बढ़ा दिया।

भ्रष्टाचार के मामले में पहले भी हो चुकी हैं कार्रवाइयाँ

इस विवाद की जड़ पिछले साल सितंबर 2024 में शुरू हुई थी, जब जयपुर की तत्कालीन महापौर मुनेश गुर्जर को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। उन पर और उनके पति सुशील गुर्जर पर पट्टा जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप था। इसके बाद कुसुम यादव को कार्यवाहक मेयर नियुक्त किया गया था।

अब तक पाँच बार हुआ विस्तार

कुसुम यादव को पहली बार 24 सितंबर 2024 को 60 दिनों के लिए कार्यवाहक मेयर नियुक्त किया गया था। तब से अब तक उनके कार्यकाल को पाँच बार दो-दो महीने के लिए बढ़ाया जा चुका है। इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम हेरिटेज की कार्यप्रणाली और राजनीतिक संतुलन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।