अंबाला में 1857 के शहीद स्मारक का अमित शाह ने किया उद्घाटन, बोले- यहीं से शुरू हुई थी आजादी की पहली लड़ाई

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हरियाणा के अंबाला कैंट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 1857 शहीद स्मारक का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अंबाला 1857 की पहली आजादी की लड़ाई की शुरुआत का प्रमुख केंद्र रहा है। यह स्मारक देशभर के युवाओं के लिए देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

हरियाणा दिवस और राज्य के 60वें स्थापना वर्ष के अवसर पर गांधी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि 10 मई, 1857 को अंबाला की धरती पर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ था। इस क्रांति ने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी। उन्होंने कहा कि 1857 का आंदोलन महज विद्रोह नहीं, बल्कि आजादी के लिए किया गया संघर्ष था।

मेरठ से पहले अंबाला में विद्रोह का दावा

1857 की क्रांति की शुरुआत को लेकर इतिहास में आमतौर पर मेरठ को प्रमुख केंद्र माना जाता है। हालांकि, क्षेत्रीय इतिहासकारों और स्थानीय अभिलेखों के आधार पर अंबाला में मेरठ से पहले विद्रोह शुरू होने का दावा किया जाता रहा है।

इतिहासकार प्रोफेसर केसी यादव के शोध और स्थानीय अभिलेखों के मुताबिक, अंबाला छावनी में तैनात 60वीं और 5वीं नेटिव इन्फैंट्री के सैनिकों ने 10 मई, 1857 की सुबह करीब 9 बजे अंग्रेजी शासन के खिलाफ बगावत की थी। यह मेरठ में उसी दिन दोपहर बाद हुए विद्रोह से कई घंटे पहले की घटना बताई जाती है।

इसके अलावा मार्च के अंतिम सप्ताह से 1 मई, 1857 के बीच अंबाला में ब्रिटिश अधिकारियों के बंगलों में आगजनी की कई घटनाएं हुई थीं। इन्हें अंग्रेजी शासन के खिलाफ बढ़ते असंतोष और संगठित गतिविधियों के संकेत के तौर पर देखा जाता है। हालांकि, ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते अंबाला में विद्रोह व्यापक रूप नहीं ले सका।

आधुनिक तकनीक और हरियाणा की कला-संस्कृति का संगम

शाह ने शहीद स्मारक की विशेषताओं का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें आधुनिक तकनीक के साथ ऐतिहासिक दस्तावेजों और हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को भी शामिल किया गया है। स्मारक में वर्चुअल गैलरी, इमर्सिव रियलिटी, होलोग्राफी और इंटरैक्टिव प्रोजेक्शन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

इसके अलावा यहां लाइट एंड साउंड शो के जरिए 1857 की क्रांति के दौर को जीवंत करने का प्रयास किया गया है।

शाह ने कहा कि यह स्मारक देश के युवाओं और किशोरों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ने का काम करेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अंबाला आकर इस स्मारक को देखें और उन शहीदों को नमन करें, जिनके बलिदान की वजह से आज देश इस मुकाम पर पहुंचा है।

उन्होंने हरियाणा की सैन्य भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि आकार में छोटा होने के बावजूद हरियाणा भारतीय सशस्त्र बलों में सबसे अधिक सैनिकों का योगदान देने वाले राज्यों में शामिल है।

1,260 करोड़ रुपये की हाईवे परियोजना का भी उद्घाटन

कार्यक्रम में शाह ने 1,260 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का उद्घाटन किया। उन्होंने केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कई उपलब्धियां गिनाईं।

शाह ने कहा कि हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है, जहां 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की जा रही है। इसके साथ ही बागवानी फसलों के लिए भावांतर भरपाई योजना भी लागू की गई है।

उन्होंने राज्य में हाइड्रोजन ट्रेन, देश का पहला एलिवेटेड रेलवे ट्रैक और सभी घरों तक एलपीजी की पहुंच के साथ धुआंमुक्त राज्य बनने जैसी उपलब्धियों का भी जिक्र किया।

गृह मंत्री ने दावा किया कि भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद राज्य में दोषसिद्धि दर में 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण, शिक्षित पंचायतों, देश के सबसे बड़े ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड और मुफ्त यात्रा योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में तबादला उद्योग को खत्म किया गया है।

पंजाब में MSP की मांग को लेकर राहुल गांधी पर निशाना

अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। पंजाब में किसानों की ओर से MSP की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने हरियाणा की खरीद व्यवस्था को बेहतर बताया।

शाह ने कहा कि वह नशामुक्त भारत और नशामुक्त पंजाब अभियान के लिए लगातार पंजाब जा रहे हैं। वहां किसानों को MSP की गारंटी की मांग करते हुए तख्तियां लेकर खड़ा देखा जा सकता है।

उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने किसानों को केवल झुनझुना थमा दिया है। शाह ने कहा कि केवल तख्तियां उठाने से कुछ हासिल नहीं होगा। किसानों की मांग पूरी करने के लिए बीजेपी और एनडीए की सरकार बनानी चाहिए।उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में 24 फसलों की MSP पर खरीद की जा रही है।