राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक ही दिन में तीन अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए रिश्वतखोरी के मामलों में कई अधिकारियों और एक कथित दलाल को गिरफ्तार किया है। भरतपुर, अजमेर और उदयपुर से जुड़े मामलों में कुल 1.45 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई, जबकि एक अधिकारी फरार बताया गया है।
भरतपुर में एसीबी ने भू प्रबंध विभाग के दो पटवारी, प्रदीप सिंह और दिगम्बर सिंह, को कृषि भूमि की निशानदेही के बदले कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायत के अनुसार दोनों पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप था।
वहीं, अजमेर और ब्यावर में एसीबी ने रीको (RIICO) के वरिष्ठ उप महाप्रबंधक अंजय विश्वकर्मा को 50 हजार रुपये और रीको उप इकाई ब्यावर के कनिष्ठ सहायक कमलेश गुर्जर को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोप है कि औद्योगिक भूखंड से जुड़े लीज डीड और भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया के बदले रिश्वत मांगी गई थी।
उधर, उदयपुर से जुड़े मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, जोन उदयपुर के संयुक्त निदेशक डॉ. रतन बिलवाल के लिए कथित तौर पर रिश्वत लेने वाले दलाल अब्दुल कादिर को 30 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार किया गया। एसीबी के अनुसार, सोनोग्राफी मशीन के पंजीकरण संबंधी स्वीकृति के लिए कुल 1.30 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। कार्रवाई की भनक लगने के बाद डॉ. बिलवाल कथित रूप से कार्यालय से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने तीनों मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों और आरोपियों से पूछताछ जारी है।

