अशोक गहलोत का आरोप- किसानों और गौशालाओं को राहत नहीं,पंचायत चुनाव में भाजपा को जवाब देगी जनता

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बीकानेर, 13 अक्टूबर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को बीकानेर जिले के ग्राम नाल में पंचायती राज चुनाव सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से पंचायत चुनावों में कांग्रेस को मजबूत बनाने तथा प्रदेश में अगली बार कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में कांग्रेस के प्रधान और जिला प्रमुख बनेंगे, तभी गांवों का विकास सुनिश्चित करने और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा जा सकेगा। उन्होंने विधायकों और जिला अध्यक्षों से अपने-अपने क्षेत्रों में कांग्रेस के प्रधान और जिला प्रमुख बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील करते हुए कहा कि यह सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की परीक्षा का समय है। सबको मिलकर पार्टी प्रत्याशियों को जिताना होगा।

गहलोत ने कहा कि बीकानेर शहर में कांग्रेस का मेयर बनना जनता के भरोसे और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। जनता के उत्साह को देखते हुए अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी कांग्रेस एकजुट होकर लड़ रही है। उन्होंने भाजपा की कथनी और करनी के अंतर पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायत चुनावों में जनता सरकार के कामकाज और उसके वादों का हिसाब मांगेगी।

किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ नहीं, नहरों में पानी के अभाव से फसलें बर्बाद

गहलोत ने बीकानेर संभाग में किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,780 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद किसानों को मंडियों में इसका पूरा दाम नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि बांधों में पानी उपलब्ध होने के बावजूद नहरों में पूरा पानी नहीं दिया गया, जिससे छतरगढ़, पूगल और खाजूवाला क्षेत्रों में मूंगफली, ग्वार, नरमा और मूंग की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। गांवों में अकाल जैसी स्थिति बनी हुई है, लेकिन प्रभावित किसानों को अब तक राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने मांग की कि किसानों को तत्काल आठ बारी सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाए तथा फसल खराबे और अकाल की स्थिति को देखते हुए प्रभावित किसानों की सुध ली जाए।

राहत कार्यों में सरकार की ढिलाई पर गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बाड़मेर में जो घोषणाएं कीं, उन पर जमीनी अमल नजर नहीं आता, इससे समझा जा सकता है कि राज कैसा चल रहा है।

गौशालाओं के अनुदान में देरी पर जताई नाराजगी

गहलोत ने कहा कि गौशालाओं को अनुदान नहीं मिलने के कारण गौशाला संचालकों और संतों को अपनी मांगों के लिए जयपुर में रैली करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने करीब 15 वर्ष पहले गौशालाओं को सरकारी अनुदान देने की पहल की थी, ताकि गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के कार्य को मजबूती मिल सके। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं का बकाया अनुदान तत्काल जारी किया जाए।

बीकानेर में खेजड़ी के संरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के संचालन के साथ राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण का संकल्प लेकर आगे बढ़ा जा सकता है। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कायम करना आवश्यक है।

कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं को कमजोर किए जाने पर जताई पीड़ा

पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं को कमजोर किए जाने पर भी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और इलाज के खर्च से राहत देना था। जनहित से जुड़ी ऐसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

गहलोत ने कहा कि किसानों, पशुपालकों और आमजन की समस्याओं का समाधान तथा गांवों का विकास पंचायती राज व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को उठाने और पंचायत चुनावों में पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया।