पंजाब के अमृतसर में रविवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर एक युवक ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। आरोपी ने हथौड़े से प्रतिमा पर वार किया और संविधान की मूर्ति को भी क्षति पहुंचाने की कोशिश की। घटना हेरिटेज स्ट्रीट पर पुलिस थाने से महज 150 मीटर की दूरी पर हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी सीढ़ी के सहारे प्रतिमा तक पहुंचा और उसने वहां खड़े लोगों के विरोध के बावजूद आठ बार हथौड़े से प्रतिमा पर वार किया। बाद में सिक्योरिटी गार्ड्स ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान अमृतसर के धर्मकोट निवासी प्रकाश के रूप में हुई है, जो दलित समुदाय से ही है।
इस घटना के बाद अमृतसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। दलित समाज ने शहर बंद की अपील की, जिसके चलते कई बाजार बंद रहे। हालांकि, स्कूल और कॉलेज खुले रहे।
मुख्यमंत्री और नेताओं की प्रतिक्रियाएं
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि “पंजाब की एकता और भाईचारे को तोड़ने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।”
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि मामले की जांच एक सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए। वहीं, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इसे राज्य में खराब कानून-व्यवस्था का संकेत बताते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
क्या हुआ था?
पुलिस के मुताबिक, सुबह फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने प्रतिमा की सफाई के लिए सीढ़ी लगाई थी। सफाई के बाद वहां माल्यार्पण का कार्यक्रम हुआ। आरोपी ने इसी सीढ़ी का इस्तेमाल कर प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि आरोपी ने यह कदम क्यों उठाया।
अन्य नेताओं का क्या कहना है?
बीजेपी नेता विजय सांपला और अकाली दल के डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने भी घटना की निंदा की है। सांपला ने कहा कि यह घटना दरबार साहिब के पास हुई है, इसलिए एसजीपीसी और अकाल तख्त के जत्थेदार को इस पर सफाई देनी चाहिए।
घटना के बाद से शहर में तनाव का माहौल है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

