जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के बयान पर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने इसे “शर्मनाक और अनुचित” करार दिया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ऐसी टिप्पणी करना गलत है। खर्रा ने याद दिलाया कि कांग्रेस नेताओं ने पहले भी शिक्षिकाओं और स्थानांतरण से जुड़े विवादित बयान दिए थे।
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने जनता के बीच हुई फजीहत से ध्यान भटकाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने की बजाय कांग्रेस “सिर्फ बयानबाजी कर रही है”, जबकि जनता अब उन्हें जवाब देने को तैयार है।
हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि विधानसभा में पक्ष और विपक्ष दोनों की कार्यवाही कैमरों में रिकॉर्ड होती है, ऐसे में निजता के हनन का सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने 20 महीनों में ऐतिहासिक काम किए हैं और कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। विधायक ने तंज कसा कि यदि विपक्ष वास्तव में गंभीर होता तो सदन में अतिवृष्टि या अवैध धर्मांतरण जैसे मुद्दे उठाता।

