जयपुर: सुशासन दिवस के अवसर पर जयपुर स्थित एचसीएम रीपा (ओटीएस) में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सुशासन भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम सुशासन’ के मंत्र को साकार करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों से जनसेवा, नवाचार और जवाबदेही की कार्य-संस्कृति अपनाते हुए राजस्थान को गुड गवर्नेंस का रोल मॉडल बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि राम राज्य की अवधारणा ही सुशासन का मूल है। अटल बिहारी वाजपेयी ने शासन को सुशासन और स्वराज को सुराज में बदलने का कार्य किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी योजनाओं के जरिए उन्होंने गांवों और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध जैसे निर्णयों के माध्यम से स्वाभिमानी भारत की आधारशिला रखी। ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान’ का नारा देकर उन्होंने विज्ञान और विकास को राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल जी की सुशासन की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। तकनीक के माध्यम से नागरिकों को सीधे शासन से जोड़कर उन्हें अधिकार-संपन्न बनाया गया है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ की सोच के साथ ऐसी नीतियां लागू की गईं, जिनका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि मिशन कर्मयोगी के तहत राजस्थान अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश में सात लाख से अधिक कर्मयोगियों ने 26 लाख से ज्यादा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान के संकल्प के साथ राजस्थान एक गतिशील और समावेशी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का पठन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में बहुआयामी विकास हुआ है और बीते दो सप्ताह में प्रदेशभर में छह लाख से अधिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रेरणास्रोत हैं। उनके विचार, संवेदना और राष्ट्रभक्ति आज भी शासन और प्रशासन के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी के आदर्शों को आत्मसात कर जनकल्याण के लिए कार्य करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
समारोह में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सुशासन की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

