राजस्थान के जोधपुर में एसएन मेडिकल कॉलेज के रेज़िडेंट डॉक्टर राकेश बिश्नोई की आत्महत्या के मामले में विरोध प्रदर्शन और सियासी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले सात दिनों से जयपुर में चल रहे धरने के बीच राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार के ख़िलाफ़ खुलकर मोर्चा खोल दिया है।
हनुमान बेनीवाल, कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया और छात्र नेता निर्मल चौधरी समेत कई लोग शुक्रवार को सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल की मॉर्चरी से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने वाले हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने मॉर्चरी रोड को टोंक रोड और जेएलएन मार्ग से जोड़ने वाले हिस्सों पर बेरिकेडिंग कर दी है।
क्या हैं बेनीवाल की मांगें?
सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस मामले में प्रशासन की “संवेदनहीनता” पर सवाल उठाते हुए डॉक्टर राकेश की मौत को “व्यवस्थागत उत्पीड़न” का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “राकेश बिश्नोई आखिरी वक्त तक मदद की गुहार लगा रहा था, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। हमारी प्रमुख मांग है कि एचओडी डॉक्टर राजकुमार राठौड़ को तत्काल निलंबित कर गिरफ्तार किया जाए। साथ ही एक निष्पक्ष जांच समिति गठित कर इसकी रिपोर्ट जल्द सरकार को सौंपी जाए।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले को नजरअंदाज़ कर रही है। “आज एक सांसद, विधायक और पूरे जाट-बिश्नोई समाज के लोग सड़क पर बैठे हैं, लेकिन सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया,” बेनीवाल ने कहा। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ “राजनीतिक साज़िश” करार देते हुए चेताया कि इसका असर भविष्य में देखने को मिल सकता है।
क्या है मामला?
डॉ. राकेश बिश्नोई ने 13 जून को कथित तौर पर ज़हर खा लिया था। अगले दिन 14 जून को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उनके एचओडी डॉ. राजकुमार राठौड़ द्वारा मानसिक उत्पीड़न किए जाने के चलते राकेश ने यह कदम उठाया।
मृतक के भाई सुभाष बिश्नोई के अनुसार, राकेश को थीसिस पास न करने की धमकी दी जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि राकेश ने अपनी शिकायत पुलिस से साझा भी की थी, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। परिवार की ओर से शास्त्री नगर थाने में डॉ. राठौड़ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
पिछले एक सप्ताह से मृतक के परिजन और जन प्रतिनिधि जयपुर में धरने पर बैठे हैं। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच झड़प की खबरें भी सामने आई थीं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन अब तक आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।

