नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना – संशोधित उड़ान (UDAN) को मंजूरी दे दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026–27 से 2035–36 तक दस वर्षों के लिए लागू की जाएगी और इसके लिए कुल ₹28,840 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
संशोधित योजना का उद्देश्य देश के दूरस्थ और अविकसित क्षेत्रों में हवाई संपर्क को मजबूत करना और आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाना है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह पहल विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगी।
योजना के तहत 100 नए हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा, जो मौजूदा अनुपयोगी एयरस्ट्रिप्स से तैयार किए जाएंगे। इसके लिए अगले आठ वर्षों में ₹12,159 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह कदम ‘विकसित भारत 2047’ के तहत देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विमानन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। इनका निर्माण मुख्य रूप से पहाड़ी, द्वीपीय और आकांक्षी जिलों में किया जाएगा, जिस पर लगभग ₹3,661 करोड़ खर्च होंगे।
इसके अलावा, 441 क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन और रखरखाव के लिए तीन वर्षों तक ₹2,577 करोड़ की सहायता दी जाएगी, जिससे उनकी वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय हवाई मार्गों को बनाए रखने के लिए ₹10,043 करोड़ की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) भी प्रदान की जाएगी।
‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को बढ़ावा देते हुए सरकार पवन हंस के लिए दो HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर और एलायंस एयर के लिए दो HAL डोर्नियर विमान खरीदेगी, जिससे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में हवाई सेवाएं मजबूत की जा सकें।
गौरतलब है कि उड़ान योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। 28 फरवरी 2026 तक इस योजना के तहत 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और वॉटर एयरोड्रोम पर 663 मार्गों का संचालन किया जा चुका है। अब तक 3.41 लाख से अधिक उड़ानों के जरिए 162.47 लाख यात्रियों को इसका लाभ मिला है।

