छत्तीसगढ़ को मिला नया विधान सभा भवन,प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन — राज्य के विकास की नई उड़ान पर बोले “छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से मुक्त भविष्य की ओर बढ़ रहा है”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन किया और राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने ₹14,260 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया, जिनमें सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


“अटल जी का सपना साकार हो रहा है”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का स्वर्ण अध्याय है। उन्होंने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “अटल जी ने वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया, तो वह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि विकास और पहचान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था। आज जब मैं इस नए विधान भवन का उद्घाटन कर रहा हूं, तो मन कह उठता है — ‘अटल जी, देखिए, आपका सपना साकार हो रहा है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि नया विधान भवन केवल कानून निर्माण का केंद्र नहीं, बल्कि आने वाले दशकों में छत्तीसगढ़ की दिशा तय करने वाला लोकतंत्र का तीर्थस्थल होगा। उन्होंने कहा कि इस भवन की हर दीवार पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक है।


“भारत लोकतंत्र की जननी है”

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत लोकतंत्र की जननी है। हमारे आदिवासी समाज में सदियों से लोकतांत्रिक परंपराएँ जीवित हैं — बस्तर का मुरिया दरबार इसका जीवंत उदाहरण है।” उन्होंने कहा कि नई विधानसभा में इस पारंपरिक प्रणाली को सम्मान के साथ स्थान दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस भवन के हर तत्व में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा झलकती है — दीवारों में बाबा गुरु घासीदास के संदेश, द्वारों में माता शबरी की आत्मीयता और कुर्सियों में संत कबीर की निर्भीकता बसती है।


“छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से मुक्त भविष्य की ओर”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कभी नक्सलवाद और पिछड़ेपन के लिए पहचाने जाने वाला छत्तीसगढ़ अब समृद्धि, सुरक्षा और स्थिरता का प्रतीक बन रहा है। उन्होंने कहा, “भारत अब नक्सलवाद और माओवादी आतंकवाद के उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज से ग्यारह साल पहले 125 जिले नक्सल प्रभावित थे, अब केवल तीन में ही इसके निशान बाकी हैं। वह दिन दूर नहीं जब पूरा छत्तीसगढ़ नक्सलवाद मुक्त होगा।”

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे हैं। “अब वह समय है जब लाल झंडे की जगह हर गाँव में तिरंगा लहरा रहा है,” प्रधानमंत्री ने कहा।


“हर गरीब को पक्का घर, हर गाँव में बिजली और इंटरनेट”

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3.5 लाख परिवारों को नए घर मिले हैं और तीन लाख लाभार्थियों को ₹1,200 करोड़ की राशि जारी की गई है।

उन्होंने कहा, “25 साल पहले छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज 14 मेडिकल कॉलेज और रायपुर में एम्स है। 5,500 आयुष्मान आरोग्य मंदिर गरीबों की सेहत की सुरक्षा कर रहे हैं।”


₹14,260 करोड़ की परियोजनाओं से विकास को नई गति

प्रधानमंत्री ने बताया कि जिन परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ उनमें प्रमुख हैं —

  • ₹3,150 करोड़ की लागत से ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना जो झारखंड सीमा तक चार लेन में विकसित होगी।
  • नारायणपुर–महाराष्ट्र बॉर्डर राजमार्ग और मदंगमुड़ा–देवभोग–ओडिशा बॉर्डर हाईवे का उन्नयन।
  • पूर्वी और पश्चिमी ग्रिड इंटरकनेक्शन परियोजना जिससे 1,600 मेगावॉट बिजली ट्रांसफर क्षमता बढ़ेगी।
  • एचपीसीएल तेल डिपो, रायपुर (₹460 करोड़) और नागपुर–झारसुगुड़ा गैस पाइपलाइन (₹1,950 करोड़) का उद्घाटन।
  • पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेज और सरकारी आयुर्वेद कॉलेज बिलासपुर की आधारशिला।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, ऊर्जा संपन्न और औद्योगिक रूप से सशक्त बनाएंगे।


“जनता ही सर्वोपरि — यही है सुशासन का मंत्र”

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार का मंत्र है ‘नागरिक देवो भव’। विधानसभा में बनने वाला हर कानून जनता के कल्याण के लिए होना चाहिए — शासन में न अति हो, न अनुपस्थिति। यही तेज़ विकास का मंत्र है।”

उन्होंने छत्तीसगढ़ के युवाओं से आह्वान किया कि आने वाले 25 वर्ष राज्य के स्वर्ण युग की नींव रखेंगे। “यह आपका समय है — अब छत्तीसगढ़, विकसित भारत के सपने को साकार करेगा,” प्रधानमंत्री ने कहा।


निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ के नए विधान भवन का उद्घाटन केवल एक वास्तु उपलब्धि नहीं, बल्कि राज्य की नई राजनीतिक और विकास यात्रा की शुरुआत है। प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों में — “यह भवन लोकतंत्र का नया मंदिर है, जहां से छत्तीसगढ़ का भविष्य आकार लेगा।”