जैसलमेर बस हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने सचिवालय में चल रही कोऑपरेटिव कोड पर महत्वपूर्ण बैठक को बीच में ही समाप्त कर दी। बैठक में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, गौतम दक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने तुरंत जैसलमेर रवाना होने का निर्णय लिया।
सचिवालय कर्मचारी संघ के कार्यक्रम में वे केवल औपचारिक उपस्थिति दर्ज कर सके और प्रतिभागियों को बताया कि “जैसलमेर के दुखद हादसे के कारण मुझे तुरंत निकलना पड़ रहा है।”
मुख्यमंत्री शर्मा ने लगातार जैसलमेर और जोधपुर के प्रशासनिक अधिकारियों से घटनास्थल की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश जारी किए। उन्होंने जोधपुर में घायलों की शीघ्र आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही भारतीय सेना और स्थानीय नागरिकों द्वारा किए गए राहत कार्यों की सराहना की।
जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की, उनकी बातें गंभीरता से सुनीं और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों से प्रत्येक मरीज की रिपोर्ट, संसाधनों की स्थिति और इलाज की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने बर्न यूनिट में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट, इंटेंसिव केयर बेड और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, एक विशेष चिकित्सकीय निगरानी दल तैनात करने को कहा, जो 24 घंटे मरीजों की मॉनिटरिंग करेगा।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक घायल के परिजन को ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।

