जयपुर:-केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राजस्थान की गहलोत सरकार ने पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) का वादा किया था। इसको लेकर कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने कहा था कि ऐसा मत करो। अब कांग्रेस ने अपना मेनिफेस्टो रिलीज करते हुए इस स्कीम पर अभी बात करने को प्री-मैच्योर माना है। निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही।
सीतारमण ने कहा- सिर्फ चुनाव के लिए वादे करना, जनता को गुमराह करना। वोट लेना और उसके बाद भूल जाना। इसमें कांग्रेस पार्टी माहिर है। एक उदाहरण रखना चाहती हूं, जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी तो उन्होंने एक गलत और नामुमकिन वादा किया और उसे लागू करने का वादा किया। उस समय उनकी पार्टी के सीनियर लोगों ने भी कहा था, ऐसा मत करो। वो नई पेंशन स्कीम को छोड़कर पुरानी पेंशन स्कीम में चले गए। उन्हें देखकर कांग्रेस ने हिमाचल में भी ये ही वादा किया और वहां चुनाव जीत लिया।
पुरानी पेंशन स्कीम लागू होने के बाद गहलोत बोलते हैं कि जो पैसा न्यू पेंशन स्कीम के तहत केंद्र में गया, उसको वापस करो। ये पैसा सरकार को वापस नहीं होता। ये काम करने वाले लोगों का पैसा है, जो हर वर्कर को जाएगा। अभी कांग्रेस ने अपना मेनिफेस्टो रिलीज किया। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व वित्त मंत्री ने ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर कहा कि केंद्र ने फाइनेंस सेक्रेटरी के नेतृत्व में कमेटी बनाई है, उसकी रिपोर्ट आने दीजिए। अभी इस पर बात करना प्री-मैच्योर होगा।
अगर वो प्री-मैच्योर अब मानते हैं तो क्यों उनकी राजस्थान की गहलोत सरकार को सुझाव नहीं दिया था कि गलत है आप, ऐसा मत करो। उन्होंने कहा- वादा कर दो, जनता को गुमराह करो। वोट लो, सत्ता पर बैठ जाओ, ये है कांग्रेस का तरीका। जनता से बात करना, उनके विषय को उठाना, विषय उठाने के बाद सत्ता में बैठना, फिर भूल जाना। ये कांग्रेस का रवैया है, हमारा नहीं।
गहलोत के कारण 5 साल रुका ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) के काम में रुकावट पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी को लेकर मध्य प्रदेश और राजस्थान में सहमति के लिए 2019 से 2023 तक बहुत कोशिश की गई, लेकिन पूर्व सीएम अशोक गहलोत तैयार नहीं थे। वो सामने आने को तैयार नहीं थे, जिसके कारण प्रोजेक्ट 5 साल रुका रहा। जो काम जनवरी में हुआ, वो पहले भी हो सकता था। निर्मला सीतारमण ने कहा- राजस्थान में पानी की कमी को दूर करने के लिए कोई भी सीएम क्यों न हो, वो आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे, रुकावट पैदा नहीं करेंगे। अशोक गहलोत ने सिर्फ रुकावटें ही पैदा की।
सीतारमण बोलीं- 2014 से पहले देश होप लेस था
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राजस्थान चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की ओर से आयोजित प्रबुद्ध जन सम्मेलन में शामिल हुईं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश होप लेस था। पिछले 10 सालों में देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास के साथ आगे बढ़ा है। आज निराशा नहीं है, अब लोगों को आशा है। हर तरफ सकारात्मकता है। अंतिम तिमाही में अर्थव्यवस्था ने 8.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि अपने आप में रिकॉर्ड है। यह बताता है कि भारतीय किस गति से ग्रोथ करना चाहता है।
जीएसटी आने के बाद हर महीने चार्टर्ड अकाउंटेंट और प्रोफेशनल्स को इंतजार रहता है कि इस महीने जीएसटी का कलेक्शन क्या रहा। उन्होंने कहा कि अभी हमने जो संकल्प पत्र जारी किया है, उसमें भी हमने रिफॉर्म्स की बात कही है।

