अजमेर। कांग्रेस में एकजुटता के दावों के बीच राजस्थान के अजमेर में पार्टी की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक अशोक तंवर इन दिनों प्रदेश दौरे पर हैं और लगातार संगठन में एकजुटता पर जोर दे रहे हैं, लेकिन रविवार को हुई शहर कांग्रेस कमेटी की बैठक में हंगामा और कहासुनी ने तस्वीर बदल दी।
बैठक के बाद अब विवाद सड़क पर पहुंच गया, जब आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ के खिलाफ शहर में आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों में उन्हें “चोर-दलाल” कहा गया और लिखा गया— “कांग्रेस देश में वोट चोर, गद्दी छोड़” तथा “कांग्रेस अजमेर में दलाल और चोर, अजमेर छोड़”। इन पोस्टरों में राठौड़ की फोटो और नाम भी शामिल है।
धर्मेंद्र राठौड़ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं। पार्टी के कई नेताओं को अजमेर में उनके हस्तक्षेप को लेकर नाराजगी है। यही विवाद रविवार को हंस पैराडाइज में हुई बैठक में भी दिखा, जब निवर्तमान जिलाध्यक्ष विजय जैन और राठौड़ समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में नारेबाजी और हंगामे के बीच माहौल गर्म हो गया। वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभाली गई।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा, “मैं तो कांग्रेस पार्टी के काम से धरियावद में हूं। अजमेर में पोस्टर लगे हैं या नहीं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। पता करुंगा कि ऐसा किसने किया।”
गहलोत बनाम पायलट गुट का टकराव पृष्ठभूमि में
अजमेर में यह विवाद दरअसल गहलोत और पायलट खेमों की पुरानी खींचतान से जुड़ा है। धर्मेंद्र राठौड़ गहलोत गुट के प्रमुख नेता हैं, जबकि विजय जैन पायलट समर्थक माने जाते हैं।
बैठक के दौरान विजय जैन ने राठौड़ पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, “2016 में मुझे जिलाध्यक्ष बनाया गया था, 2020 में पद भंग हो गया, फिर भी पांच साल तक संगठन के लिए काम किया। हमने आंदोलन चलाए, लेकिन धर्मेंद्र राठौड़ ने पार्षद चुनाव में 72 टिकट दिए, जिनमें से केवल 11 जीते। मुझे 8 टिकट मिले, जिनमें से 7 जीते।”
जैन ने दावा किया कि “पहले कांग्रेस 20-30 हजार वोटों से हारती थी, अब केवल 4 हजार से हारी है।”
अजमेर की यह हलचल राजस्थान कांग्रेस के भीतर गहलोत-पायलट खेमों के बीच जारी शक्ति संघर्ष को एक बार फिर उजागर करती है।

