टोंक, 21 जनवरी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं टोंक विधायक सचिन पायलट ने कहा कि यह निर्वाचन आयोग का दायित्व है देश के प्रत्येक नागरिक के मताधिकार को सुरक्षित रखें। उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी नागरिक अपने मताधिकार से वंचित ना रहे। आज देश में कई जगहों से ऐसी खबरे आ रही है कि राजनैतिक हित साधने के उद्देश्य से मतदाता सूचियों से सैकड़ो लोगों के नाम काटने या जोडने के लिए बी.एल.ओ. अनाश्यक दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे अनुचित दबाव के चलते कई स्थानों पर तो बी.एल.ओ. आत्महत्या जैसा कदम उठाने को भी मजबूर हो गये है। वोट देने का अधिकार हमारी सबसे बडी पूंजी है और कोई इसे छीनना चाहेगा तो उसे कतई स्वीकार नहीं किया जायेगा।
सचिन पायलट ने आज टोंक में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में सतर्कता के लिए लगाये गये कांग्र्रेस पार्टी के बीएलए की मीटिंग को सम्बोधित करते हुए उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी जी द्वारा प्रमाण सहित उजागर की गई मतदाता सूचियों की गड़बडियों और बिहार चुनाव में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से साफ हो गया है कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता संदेह के घेरे में है। ऐसे में अपने मताधिकार की रक्षा के लिए हमें जागरूक रहना होगा।
उन्होंने टोंक में लगे बी.एल.ए. के कार्य सराहना करते हुए कहा कि आपने एस.आई.आर. के कार्य में आपने जो हिम्मत, हौसला, संयम और सजगता का जो परिचय दिया है उसके लिए आप बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि जब तक मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन नहीं हो जाता, तब तक हमारा कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। दस्तावेज के अभाव में किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से ना कटे यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

