जयपुर, 4 सितम्बर।
उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि राज्य की सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को आदर्श आंगनबाड़ी बनाने के ध्येय से अधिकारी फील्ड में कार्य करें और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि असुरक्षित एवं जर्जर आंगनबाड़ी भवनों को तत्काल डेमोलिश कर सुरक्षित स्थान पर केंद्रों का संचालन कराया जाए।
दिया कुमारी गुरुवार को शासन सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव महेन्द्र सोनी, निदेशक वासुदेव मालावत, मुख्य अभियंता (भवन), समग्र शिक्षा अभियान के अधिकारी, प्रभारी नंद घर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी जिलों के उपनिदेशक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
उप मुख्यमंत्री ने जिलेवार प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि आवंटित बजट का समयबद्ध और पारदर्शी उपयोग हो। उन्होंने जिला उपनिदेशकों को निर्देश दिए कि जिला कलेक्टरों के माध्यम से जिलों की आंगनबाड़ियों का सर्वे शीघ्र पूरा कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिन भवनों में जोखिम है उन्हें तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए और इसमें किसी भी तरह की चूक न हो।
उन्होंने नाराजगी जताई कि कई जिलों में अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों में प्रगति की समीक्षा की जाएगी और एक सप्ताह में सभी जिलों से कार्यों की अद्यतन रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाए।
दिया कुमारी ने अधिकारियों से कहा कि आंगनबाड़ी भवनों को आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए और विकास कार्यों में राज्य सरकार के बजट के साथ-साथ सीएसआर, आपदा सहायता फंड, जिला खनिज फंड और विधायक निधि जैसी अन्य योजनाओं का भी उपयोग किया जाए।

