जयपुर, 18 सितम्बर।
कला, साहित्य, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के ‘सांस्कृतिक सृजन पखवाड़ा’ के अंतर्गत आज विद्याधर नगर स्थित बियानी गर्ल्स कॉलेज में राजस्थान संस्कृत अकादमी एवं ऐके इंफ्रा के संयुक्त तत्वावधान में वैदिक संस्कृति एवं महिला सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह पखवाड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपराओं, संस्कारों और कलाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की ताकत उसकी सनातन संस्कृति और उसमें निहित मूल्य-व्यवस्था है, जिसने सदियों से समाज को जोड़े रखा है।
दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश के विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में ऐतिहासिक योगदान दिया है। आत्मनिर्भर भारत और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियानों ने देश की पहचान को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि “हमारे पास जो टैलेंट है, वह अद्वितीय है। कला, संस्कृति और ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में भारत विश्व को बहुत कुछ दे सकता है। जैसे-जैसे अवसर बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे भारत का टैलेंट भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहा है।”
कार्यक्रम के दौरान विद्वानों ने भारतीय परंपरा में महिलाओं की भूमिका, उनके वैदिक संस्कार, व्रत-त्यौहार और पूजन पद्धतियों पर गहन व्याख्यान प्रस्तुत किए। पारंपरिक गीतों और मंत्रोच्चारों की गूंज से पूरा वातावरण आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊर्जा से भर गया।
इस अवसर पर राजस्थान संस्कृत अकादमी की निदेशक डॉ. लता श्रीमाली जी, कल्ला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. लक्ष्मी शर्मा जी, डॉ. सुनीता श्रीमाली, बियानी कॉलेज के निदेशक प्रो. संजय बियानी जी, छात्राएं एवं मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

