जयपुर।शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के विशेष अधिकारी सतीश कुमार गुप्ता ने आज जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
शिक्षा मंत्री दिलावर के निर्देश पर किए गए निरीक्षण में विद्यालयों में कई खामियां मिली जिनको सुधारने के विशेष अधिकारी गुप्ता ने प्रिंसिपल को निर्देश दिया। साथ ही बगवाड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्रिंसिपल बबीता सारस्वत के खिलाफ संयुक्त निदेशक (शिक्षा) मंजू शर्मा को कार्यवाही के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री के विशेष अधिकारी सतीश कुमार गुप्ता सुबह सवेरे 7:45 बजे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दौलतपुरा, पंचायत समिति आमेर, जिला जयपुर के स्कूल में पहुंचे। विद्यालय में प्रार्थना सभा चल रही थी।
प्रार्थना सभा की समाप्ति के बाद ओएसडी ने विद्यालय की स्टाफ उपस्थित पंजिका का निरीक्षण किया तथा उपस्थिति एवं अनुपस्थित शिक्षकों की जानकारी ली। विद्यालय में कुल 19 स्टाफ कार्यरत है जिसमें से 11 उपस्थित मिले शेष विभागीय कार्य से अनुपस्थित पाए गए।
विद्यालय के प्रवेश द्वार पर गंदगी के ढेर को देखकर विशेष अधिकारी ने प्रधानाचार्य डॉक्टर सुमन अग्रवाल को साफ सफाई करने तथा विद्यालय में कचरा पात्र लगाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी गौरी शंकर को दूरभाष पर विद्यालय परिसर के आसपास नियमित सफाई करने व कचरा उठाने के निर्देश दिए।
इसके बाद विशेषाधिकारी गुप्ता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बगवाड़ा पहुंचे। विद्यालय हाल बेहाल अवस्था में था। प्रिंसिपल बबीता सारस्वत अपने कक्ष में बैठी मोबाइल पर वार्तालाप कर रही थी।बच्चे खुले मैदान में जमीन पर बैठकर पढ़ रहे थे। विभागीय निर्देशानुसार एक भी शिक्षक का मोबाइल प्रिंसिपल के पास जमा नहीं था।
पूरे विद्यालय में कचरा फैला हुआ था। कक्षा कक्ष और विद्यालय परिसर में कभी झाड़ू नहीं लगा। स्कूल के फर्नीचर को कबाड़ बनाकर कमरे में बंद कर रखा था। रसोईघर की स्थिति शौचालय से भी बदतर थी। सारी दीवारों पर सीलन और काई लगी हुई थी। पूरे कमरे में बदबू फैली हुई थी तथा आसपास लोहे और लकड़ी के फर्नीचर का कबाड़ भरा हुआ था इतना गंदा कमरा था कि देख कर घुसने का भी मन ना करें।
विद्यालय में नामांकन भी काफी कम मिला। वाणिज्य संख्या में केवल चार बच्चों का नामांकन है।
मंत्री के विशेष अधिकारी ने प्रिंसिपल से पूछा परिसर को देखकर लगता नहीं है कि कभी आप खुद भी इन कमरों में आती होगी? प्रिंसिपल का काम कक्ष में बैठकर मोबाइल पर बात करना होता है क्या?
विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद पड़ा था।पांच का स्टाफ तैनात है, लेकिन कोई भी मौके पर उपस्थित नहीं था। आंगनवाड़ी में दो बच्चे होना बताया गया जिनकी लिए पांच का स्टाफ लगाया हुआ है।
जानकारी करने पर ज्ञात हुआ की प्रिंसिपल जयपुर से अप डाउन करती हैं। और पूरे समय प्रिंसिपल कक्ष में बैठी रहती हैं। छुट्टी होने के बाद वापस जयपुर चली जाती है। विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी कोई रुचि नहीं है।
शिक्षा मंत्री के विशेष अधिकारी सतीश कुमार गुप्ता ने आमेर ब्लॉक के सी बी ई ओ को फोन कर विद्यालय का आज ही निरीक्षण करने और रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जयपुर संभाग की संयुक्त निदेशक शिक्षा मंजू शर्मा को जांच कर प्रिंसिपल बबीता सारस्वत के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
इसके बाद राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,चौंप का निरीक्षण किया। विद्यालय में प्रिंसिपल सुरेश कुमार बलाई स्कूल में उपस्थित नहीं पाए गए। प्रिंसिपल के निकटवर्ती स्कूलों के निरीक्षण पर होना बताया गया।
स्कूल में 23 का स्टाफ पद स्थापित है। जिसमें से केवल 8 ही विद्यालय में उपस्थित पाए गए। शेष की ड्यूटी जयपुर में लगी होना बताया गया।
स्कूल का कुल नामांकन 169 है जिसमें से मात्र 107 विद्यार्थी उपस्थित मिले।
चौंप विद्यालय के बाद राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिलोची का निरीक्षण किया गया। विद्यालय में भोजन अवकाश चल रहा था। निरीक्षण में छात्र कोष और विकास कोष की कैश बुक का विगत 9 महीने से इंद्राज नहीं करना पाया गया। शिक्षकों द्वारा कक्षा उपस्थिति रजिस्टर पर भी नीयत स्थान पर हस्ताक्षर नहीं करना पाया गया।
राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, बिलोची का भी विशेष अधिकारी गुप्ता द्वारा निरीक्षण किया गया।

