जयपुर की फाइव-स्टार होटल में ईडी की छापेमारी,महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े संदिग्धों पर कार्रवाई

Jaipur Rajasthan

जयपुर की कूकस स्थित फाइव-स्टार होटल फेयरमाउंट में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापा मारा। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के रायपुर से आई ईडी टीम ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े एक संदिग्ध समूह की मौजूदगी के इनपुट के आधार पर की।

ईडी सूत्रों के अनुसार, महादेव ऐप से जुड़े कुछ लोग एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए होटल में ठहरे हुए थे। छापेमारी के दौरान टीम ने पीएमएलए (धनशोधन निवारण अधिनियम) के तहत होटल में ठहरे लोगों से पूछताछ की।

इससे पहले भी महादेव ऐप से जुड़े मामलों में ईडी ने अप्रैल में जयपुर के सोडाला क्षेत्र स्थित एक व्यापारी के फ्लैट पर छापा मारा था। उस वक्त देशभर के 60 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई हुई थी, जिसमें जयपुर, भोपाल, कोलकाता, दिल्ली और छत्तीसगढ़ शामिल थे।

ईडी को जयपुर से मनी लॉन्ड्रिंग, क्रिप्टोकरेंसी और शेल कंपनियों से जुड़े अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले थे। महादेव ऐप केस में जयपुर के कई व्यापारी भी जांच के घेरे में हैं।

करोड़ों के अवैध लेन-देन में लिप्त है महादेव ऐप

महादेव बुक ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म को लेकर ईडी पहले भी कई खुलासे कर चुकी है। बताया जाता है कि यह ऐप क्रिकेट, फुटबॉल समेत अन्य गतिविधियों पर अवैध रूप से सट्टा लगवाता है और देशभर में फैला हुआ है।

भिलाई से दुबई तक, एक जूस विक्रेता की कहानी

महादेव ऐप की शुरुआत छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर ने की थी, जो पहले ‘जूस फैक्ट्री’ नाम से दुकान चलाते थे। 2019 में दुबई जाकर उन्होंने रवि उप्पल नाम के इंजीनियर दोस्त के साथ मिलकर इस ऐप को लॉन्च किया।

महज कुछ वर्षों में महादेव ऐप ने सोशल मीडिया प्रचार और अन्य बेटिंग प्लेटफॉर्म्स को खरीदकर अपना दायरा तेजी से बढ़ाया। दावा किया जाता है कि आज इसके 99 लाख से ज्यादा यूजर्स हैं।

कोरोना काल के दौरान इस ऐप के जरिए सट्टेबाजी को और बल मिला। 2021 के IPL सीजन में ही इसके जरिये करीब 2,000 करोड़ रुपये का सट्टा लगाया गया।

ईडी की छापेमारी जारी है और एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े आर्थिक और डिजिटल लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।