प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम 5 बजकर 49 मिनट पर वीडियो कॉल के जरिए एक्सियम मिशन–4 के भारतीय एस्ट्रोनॉट ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से करीब 18 मिनट 25 सेकेंड तक बात की। इस संवाद में उन्होंने अंतरिक्ष के अनुभव, भारतीय पहचान और वर्चुअल ‘गाजर का हलवा’ साझा किया।
- शुभांशु का अनुभव
- उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष से भारत बहुत विशाल और भव्य लगता है—“हम दिन में 16 सूर्योदय और 16 सूर्यास्त देखते हैं।”
- पुरीष का पहला नज़ारा देखकर उन्होंने महसूस किया कि पृथ्वी पर कोई सीमा रेखा नहीं दिखती और मानवता का एकजुटता सा अनुभव होता है।
- जीरो ग्रेविटी में पैर बांधे रहने की चुनौती भी उजागर की।
- गाजर का हलवा
- पीएम मोदी ने पूछा कि क्या आपने अपने साथियों को भारतीय मिठाई दी? शुभांशु ने बताया कि “हां, मैंने गाजर का हलवा, मूंग दाल का हलवा और आम का रस सभी को खिलाया, और सभी को बहुत पसंद आया।”
- भारत की अंतरिक्ष यात्राः गर्व और प्रेरणा
- शुभांशु ने प्रधानमंत्री से कहा कि “यह यात्रा मेरी नहीं, बल्कि पूरे भारत की है। आपके नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है।”
- उन्होंने अंतरिक्ष से लौटने वालों को संदेश दिया—“स्काई इज़ नेवर द लिमिट”।
यह कॉल शुभांशु के 26 जून को ISS पहुंचने के दो दिन बाद हुई। वे 14 दिन तक स्पेस स्टेशन पर रहेंगे और भारतीय शिक्षण संस्थानों से तैयार 7 प्रयोग करेंगे, जिनमें मानव स्वास्थ्य से जुड़े अध्ययन शामिल हैं। इसके अलावा NASA के साथ 5 और प्रयोग होंगे, जो भारत के गगनयान मिशन के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।
इस संवाद ने भारतवासियों में अंतरिक्ष अभियानों को लेकर गर्व और प्रेरणा का भाव भर दिया है।

