कोटा, 12 नवम्बर —
राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मंगलवार देर रात कनवास क्षेत्र के कई गांवों में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान किसानों ने खाद की कालाबाजारी, जल संसाधन विभाग की लापरवाही और राशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें कीं।
किसानों ने आरोप लगाया कि विक्रेताओं द्वारा तय दर से अधिक मूल्य पर खाद बेची जा रही है। इस पर मंत्री नागर ने कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक से सीधे वार्ता कर निर्देश दिया कि अब खाद वितरण कृषि पर्यवेक्षक और राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में ही किया जाए, ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके।
ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि विभागीय अभियंताओं ने नहर के टूटे गेट को ठीक करने के बजाय नहर तोड़कर सिंचाई का पानी नदी में बहा दिया, जिससे टेल क्षेत्रों में फसलें सूख गईं। इस पर ऊर्जा मंत्री ने जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत से बात कर विजिलेंस जांच टीम गठित करने की मांग की, ताकि विभागीय भ्रष्टाचार की जांच हो सके।
इसी दौरान महिलाओं ने राशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायत की। मंत्री नागर ने जिला रसद अधिकारी को तत्काल शिविर लगाकर शिकायतों के निस्तारण और राशन डीलरों की जांच के निर्देश दिए।
बुधवार को मंत्री नागर दीगोद क्षेत्र के दौरे पर रहे, जहां उन्होंने ग्राम चौपालों में जनता से संवाद किया। उन्होंने कहा,
“मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति से काम कर रही है। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी गुणवत्ता से समझौता करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने सांगोद विधानसभा क्षेत्र में चल रहे करोड़ों के विकास कार्यों की निगरानी में जनभागीदारी की अपील की और बताया कि उनके निर्देश पर वर्षों पुराना तेजाजी महाराज मार्ग विवाद भी सुलझा लिया गया है।
👉 मुख्य बिंदु:
- खाद वितरण कृषि पर्यवेक्षक व राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में होगा
- नहर निर्माण में भ्रष्टाचार की जांच को विजिलेंस टीम गठित करने की मांग
- राशन डीलरों की अनियमितताओं की जांच के निर्देश
- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस दोहराया
- वर्षों पुराना मार्ग विवाद सुलझा

