हरियाणा के रोहतक में साइबर सेल के एएसआई संदीप लाठर की मौत मामले में पोस्टमॉर्टम में देरी के बाद गुरुवार सुबह प्रक्रिया शुरू हुई। परिजनों के देर से पहुंचने और एफआईआर की मांग के कारण यह देरी हुई।
इस बीच केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर रोहतक पीजीआई पहुंचे और एएसआई के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि एएसआई की पत्नी को सरकारी नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। खट्टर ने कहा कि इस बारे में वे मुख्यमंत्री नायब सैनी से बातचीत करेंगे।
परिजन दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की पत्नी और अन्य पर एफआईआर की मांग कर रहे थे। देर रात पुलिस ने आईएएस अफसर अमनीत पी. कुमार, आप विधायक अमित रतन, एचसी सुशील कुमार और एसआईएस सुनील कुमार समेत चार लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और षड्यंत्र के आरोप में मामला दर्ज किया।
हालांकि एफआईआर को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने एफआईआर को फिलहाल गोपनीय रखने के निर्देश दिए हैं।
एएसआई का शव बुधवार देर रात लाढ़ौत गांव से रोहतक पीजीआई मॉर्चरी में लाया गया था। प्रशासन ने बताया कि अंतिम संस्कार जींद के जुलाना गांव में दोपहर 12 बजे होगा। मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए लाढ़ौत, पीजीआई और जुलाना में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
बता दें कि एएसआई संदीप लाठर ने मंगलवार को अपने मामा के खेत में बने कोठड़े की छत पर सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने आत्महत्या से पहले एक वीडियो और चार पेज का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें आईपीएस वाई. पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे।

