प्रदेश में विलायती बबूल के संपूर्ण उन्मूलन के लिए चरणबद्ध कार्य योजना बनाकर, विभागों के साथ समन्वय कर प्रभावी अभियान चलाया जाए:पंचायती राज मंत्री

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जयपुर, 23 मई। प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन की दिशा में राज्य में विलायती बबूल (जूलिफ्लोरा) के उन्मूलन को लेकर आज शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज सभागार में मदन दिलावर, पंचायती राज मंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन मंत्री संजय शर्मा के साथ ओटाराम देवासी, पंचायती राज राज्य मंत्री भी उपस्थित रहे।

बैठक में मदन दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चरणबद्ध कार्ययोजना बनाकर विलायती बबूल के उन्मूलन हेतु प्रभावी अभियान संचालित किया जाए, ताकि स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक दिशा निर्देश बनाए जाए और इसकी लकड़ी से कोयले बनने के लिए प्रभावी ऑक्शन प्लान बनाया जाए।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विलायती बबूल अन्य वनस्पतियों को पनपने नहीं देता है। इसकी जड़े 10 मीटर तक फैली होती है और यह अत्यधिक पानी सोखता है। उन्होंने कहा कि विलायती बबूल जैसी बाहरी प्रजातियों के कारण स्थानीय जैव विविधता प्रभावित होती है, इसलिए इनके उन्मूलन के लिए विभागीय समन्वय के साथ व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

संजय शर्मा, वन मंत्री ने कहा कि विलायती बबूल के कोयले के परिवहन में टीपी की समस्या आती है तो उसके लिए भारत सरकार का NGT पोर्टल है, उस पर टीपी जारी होती है।

बैठक में अरिजीत बनर्जी, हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स, डॉ जोगाराम, शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज, राजस्व विभाग, ग्रामीण विकास विभाग आदि अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया तथा अभियान की कार्ययोजना, तकनीकी पहलुओं एवं क्षेत्रवार रणनीति पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।