पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आरोप: ‘दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम’ भाजपा की खेल-विरोधी सोच की भेंट चढ़ा

Jaipur Rajasthan

जयपुर, 28 मार्च 2026। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सोशल मीडिया सीरीज ‘इंतज़ारशास्त्र’ की छठी कड़ी जारी करते हुए वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार का रवैया न केवल स्वास्थ्य एवं विकास परियोजनाओं के प्रति उपेक्षापूर्ण है, बल्कि खेल सुविधाओं के विस्तार में भी इनकी भारी अरुचि स्पष्ट दिखाई दे रही है। सवा दो साल में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की भी दुर्गति हो गई है और इसके चुनाव कर नया अध्यक्ष तक नहीं बनाया जा सका है।

विकास की धीमी रफ्तार पर उठाए सवाल

गहलोत ने कहा कि जयपुर में आरसीए (RCA) के पास अपना स्वयं का अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम न होने की कमी को दूर करने के लिए कांग्रेस सरकार के समय चौंप में दुनिया के तीसरे और देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम की योजना बनाई गई थी। इसका भव्य शिलान्यास 5 फरवरी 2022 को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया गया था।

प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने मुख्य बिंदु साझा किए:

क्षमता एवं योजना: पहले फेज में 45 हजार दर्शकों की क्षमता और दूसरे फेज में इसे बढ़ाकर 75 हजार किया जाना प्रस्तावित था।

समय सीमा का उल्लंघन: तय योजना के अनुसार प्रथम चरण का कार्य फरवरी 2024 (24 माह) तक पूर्ण होना अनिवार्य था।

वर्तमान स्थिति: निर्माण शुरू हुए 36 महीने से अधिक बीत जाने और करोड़ों रुपए व्यय होने के बावजूद प्रोजेक्ट आज भी अधर में लटका हुआ है।

“निकट भविष्य में इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। इससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार विकास कार्यों को गति देने के बजाय उन्हें ‘ठंडे बस्ते’ में डालने का काम कर रही है।”- अशोक गहलोत

बढ़ती लागत और राजनीतिक द्वेष

पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि समय पर प्रोजेक्ट पूरा न होने के कारण निर्माण लागत निरंतर बढ़ती जा रही है, जिसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ अंततः राजस्थान की जनता और खेल प्रेमियों पर ही पड़ेगा।

उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए पूछा-“क्या भाजपा को राजस्थान का नाम चमकना पसंद नहीं है?” जो स्टेडियम प्रदेश का मान पूरी दुनिया में बढ़ाने वाला था, वह आज भाजपा की कार्यशैली के कारण विफलता का प्रतीक बनता जा रहा है।

गहलोत ने पुरजोर मांग की है कि सरकार राजनीतिक द्वेष को दरकिनार कर खिलाड़ियों के सपनों को साकार करे और इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का कार्य अविलंब पूरा किया जाए।