जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का चुनाव आयोग पर निशाना,शहर में समाजसेवी ‘छोटी बाईसा’ को दी गई अंतिम विदाई

Jodhpur Rajasthan

जोधपुर में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सर्किट हाउस में आमजन से मुलाकात की और मीडिया से बातचीत के दौरान चुनाव आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। गहलोत ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया को लेकर शुरू से ही चुनाव आयोग का रवैया संदिग्ध रहा है और फर्जी वोटर सूची का मुद्दा गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।

उन्होंने दावा किया कि 1,25,000 से अधिक फर्जी वोट बनाए गए हैं और राहुल गांधी द्वारा दी गई जानकारी के बाद भी आयोग ने उचित जांच के बजाय “एफिडेविट” की मांग कर अनुचित रवैया अपनाया है। गहलोत का कहना था कि “निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं, लेकिन आयोग के वर्तमान रवैये ने अविश्वास पैदा कर दिया है।”

राजस्थान में योजनाओं को रोकने और बिहार चुनाव के दौरान जारी भुगतान पर भी उन्होंने चुनाव आयोग पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि SIR प्रक्रिया 12 राज्यों में शुरू हुई लेकिन उत्तर प्रदेश को इससे बाहर क्यों रखा गया।

राज्य की कानून व्यवस्था और विकास कार्यों पर बोलते हुए गहलोत ने कहा कि राजस्थान में “सरकार नाम की कोई चीज नहीं है” और जोधपुर सहित पूरे प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि अंता उपचुनाव के नतीजों ने सरकार के प्रति जनता का असंतोष स्पष्ट कर दिया है।

इसी बीच शहर में सिवांची गेट स्थित स्वर्ग आश्रम में समाजसेवी श्याम लता कर्णावत, जिन्हें ‘छोटी बाईसा’ के नाम से जाना जाता था, के निधन पर लोगों ने भावपूर्ण विदाई दी। बड़ी संख्या में मौजूद नागरिकों ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जाना समाज की अपूरणीय क्षति है।

अंतिम संस्कार में उपस्थित लोगों ने छोटी बाईसा के सरल स्वभाव और सेवा भावना का उल्लेख करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकसंतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।