उदयपुर । 30 अगस्त , 2026। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कार्यकर्ताओं को एकजुटता का मंत्र देते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, विकास कार्यों को ठप करने और भ्रष्टाचार पर जोरदार हमला बोला है। उदयपुर में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की जनता भाजपा के कुशासन से बेहद परेशान और आक्रोशित है तथा कांग्रेस के समय की जनहित की योजनाओं को याद कर रही है, जिसके कारण पूरे राजस्थान में कांग्रेस के पक्ष में शानदार माहौल बना हुआ है।
आगामी निकाय चुनाव लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए कार्यकर्ता एकजुटता के साथ मैदान में उतरें और भाजपा को सबक सिखाएं।
टिकट मिलने के बाद यदि झगड़े शुरू हो जाएं, तो बोर्ड कैसे बनेगा? झगड़ा करवाने के लिए बीजेपी तैयार बैठी है:
निकाय चुनावों में दावेदारी पर बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टिकट केवल उसी कार्यकर्ता को मिलेगा जो धरातल पर मजबूत होगा और जिसके जीतने की संभावना सर्वाधिक होगी। उन्होंने कहा, ” मैंने कहा भाई, मैं भी किसी की सिफारिश करूं, उसको टिकट मत दो। वो वहां वार्ड में कौन जीतने वाला है, वो तो आप ज्यादा जानते हो। मैं जयपुर में बैठा-बैठा भरतपुर में कौन से वार्ड में कौन टिकट मांग रहा है या बीकानेर में कौन मांग रहा है, चित्तौड़ में कौन मांग रहा है या उदयपुर में कौन मांग रहा है, मुझे क्या मालूम? “
उन्होंने कहा “अगर मान लो टिकट मिलने के बाद में ही झगड़े शुरू हो जाएं, तो आप सोच लीजिए बोर्ड कैसे बनेगा? ये तो तैयार करके बैठे हैं झगड़ा करवाने के लिए, बीजेपी वाले तो। भाजपा ने परिसीमन में धांधली की है, लेकिन जनता के समर्थन से कांग्रेस का बोर्ड बनेगा।“
गहलोत ने कहा कि ” अब तो यही है कि सबक सिखाने का, इनको सबक मिले कि अधिकांश जगह नगरपालिका, नगर परिषद, नगर निगमों में कांग्रेस के बोर्ड बनें, मेंबर जीतें । तब जाके भाजपा की अक्ल ठिकाने आएगी। अक्ल ठिकाने लाना जरूरी होता है डेमोक्रेसी के अंदर। तब जाके वो जो है उनका हाईकमान और लोअर कमान की आंखें खुलेंगी कि यह हो क्या गया है। “
लोकतंत्र की रक्षा के लिए मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करें :
देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए गहलोत ने कहा कि केंद्र की तानाशाही के कारण आज लोकतंत्र, संविधान भारी दबाव में हैं। इस तानाशाही का मुकाबला कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी पूरी निडरता से कर रहे हैं। ऐसे समय में हमारा कर्तव्य है कि हम स्थानीय स्तर पर कांग्रेस को भारी बहुमत से विजयी बनाकर सत्ता में बैठे लोगों की आंखें खोलें और राष्ट्रीय स्तर पर चल रही लोकतंत्र को बचाने की इस लड़ाई को मजबूती प्रदान करें।
कांग्रेस सरकार ने 12 लाख पट्टे बांटे, भाजपा के कैम्प हुए फेल :
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को लेकर ऐतिहासिक कार्य किए गए थे। उन्होंने अपने लोकप्रिय कथन कि मैंने कहा तुम मांगते-मांगते थक जाओगे, मैं देते-देते नहीं थकूंगा की याद ताजा करवाते हुए कहा कि नई सरकार आते ही गांव-गांव और शहर-शहर में चल रही कल्याणकारी योजनाओं को या तो बंद कर दिया गया या बेहद कमजोर कर दिया गया।
कांग्रेस कार्यकाल के दौरान 12 लाख पट्टे देने का बताते हुए उन्होंने वर्तमान सरकार द्वारा बेहद मामूली संख्या में पट्टे बांटने का उदहारण देते हुए सरकार के लचर कार्यशैली पर निशाना साधा। उन्होंने कहा ” हमारे वक्त में 12 लाख पट्टे मिले हैं, अब ये ढाई साल हो गए इनको, बार-बार कैंप लगाते हैं, कैंप फेल होते हैं। कोई पट्टे बांट नहीं पा रहे, मामूली पट्टे बांटे होंगे। यह स्थिति सरकार की है।”
शहरी क्षेत्रों में बिगड़े हालातों का उल्लेख करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें खुदी पड़ी हैं और सीवरेज तथा पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कांग्रेस सरकार के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई इमारतों का यह सरकार उद्घाटन तक नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि 20 दिनों तक लगातार चलाए गए ‘इंतज़ारशास्त्र’ अभियान के दबाव में आकर सरकार ने हड़बड़ाहट में दो-तीन अधूरे काम शुरू तो किए, लेकिन प्रशासनिक अकर्मण्यता के कारण बाकी सभी विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। ऐसा दिशाहीन कुशासन प्रदेश में पहले कभी नहीं देखा गया।
सड़कें खुदी पड़ी हैं, सीवरेज, पानी बह रहा है ,ऐसा कुशासन कभी नहीं देखा गया:
शहरी क्षेत्रों में बिगड़े हालातों का उल्लेख करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें खुदी पड़ी हैं और सीवरेज तथा पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कांग्रेस सरकार के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई इमारतों का यह सरकार उद्घाटन तक नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि 20 दिनों तक लगातार चलाए गए ‘इंतज़ारशास्त्र’ अभियान के दबाव में आकर सरकार ने हड़बड़ाहट में दो-तीन अधूरे काम शुरू तो किए, लेकिन प्रशासनिक अकर्मण्यता के कारण बाकी सभी विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। ऐसा दिशाहीन कुशासन प्रदेश में पहले कभी नहीं देखा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और महंगाई की मार :
स्वास्थ्य सेवाओं और जन-राहत योजनाओं की उपेक्षा पर प्रहार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई आरजीएचएस योजना को पूरी तरह ठप कर दिया गया है। हमारे कार्यकाल में 25 लाख रुपये तक का इलाज, हार्ट व घुटनों के ऑपरेशन, दवाएं, जांचें, डायलिसिस, एमआरआई और सीटी स्कैन बिल्कुल मुफ्त थे, जिससे आम परिवारों की गाढ़ी कमाई की बचत होती थी। आज स्थिति यह है कि अस्पतालों ने मरीजों से पैसे वसूलने शुरू कर दिए हैं। एक तरफ प्याज और चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं तथा बाजार से राशन गायब है, वहीं दूसरी तरफ अन्नपूर्णा जैसी जनहितैषी योजनाओं को बंद कर दिया गया है। जनता आज भी उन योजनाओं को याद कर रही है और चाहती है कि सरकार केवल फोटो बदलकर ही सही, पर इन योजनाओं को पुनः सुचारू रूप से लागू करे।

