जयपुर/फुलेरा/सांभर —
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने शुक्रवार को एक ओर फुलेरा में आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया, वहीं दूसरी ओर सांभर में पांच दिवसीय सांभर महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। दोनों कार्यक्रमों में उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास और राज्य में पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने पर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
फुलेरा में उपमुख्यमंत्री ने सेठ सूरजमल अग्रवाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नन्हे बच्चों से आत्मीय संवाद किया। बच्चों ने कविता सुनाकर उनका स्वागत किया, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने बच्चों की सराहना की और उपहार वितरित किए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छता, शिक्षण गतिविधियों और पोषण आहार की गुणवत्ता की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को नियमित रूप से संतुलित व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों के स्वास्थ्य और समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इसके बाद उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सांभर में पांच दिवसीय सांभर महोत्सव (27 से 31 दिसंबर) का उद्घाटन किया। बड़ी संख्या में पर्यटकों की मौजूदगी में उन्होंने क्राफ्ट और फूड स्टॉल का भ्रमण किया, लोक कलाकारों और हस्तशिल्पियों का उत्साह बढ़ाया तथा डाक कार्ड, फोटो और पतंग प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
अपने संबोधन में दिया कुमारी ने कहा कि सांभर अब वैश्विक पर्यटन मंच पर अपनी अलग पहचान बना रहा है और एक ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। उन्होंने सांभर के प्राकृतिक सौंदर्य, खासकर शीत ऋतु में आने वाले प्रवासी पक्षियों—विशेष रूप से ग्रेटर फ्लेमिंगो—को इसकी बड़ी पहचान बताया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटकों की सुविधाओं के विकास और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि वे सांभर की प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और उत्सव की गतिविधियों के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि पर्यटन को और बढ़ावा मिले।
महोत्सव में एडवेंचर गतिविधियां, जीप सफारी, पैरा सेलिंग, ऊंट और घुड़सवारी, हेरिटेज वॉक, फोटोग्राफी प्रदर्शनी, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और सेलिब्रिटी नाइट्स मुख्य आकर्षण हैं। आयोजकों के अनुसार, यह महोत्सव न केवल पर्यटन बल्कि स्थानीय कारीगरों और कलाकारों के लिए भी रोजगार और पहचान का माध्यम बन रहा है।

