पंजाब विधानसभा में कृषि नीति और भ्रष्टाचार पर गरमाई बहस

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पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के आखिरी दिन मंगलवार को कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने राष्ट्रीय कृषि मार्केटिंग नीति के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया। मंत्री ने कहा कि इस नीति के जरिए केंद्र सरकार राज्य की शक्तियों पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस नीति में MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का कहीं उल्लेख नहीं किया गया, जबकि किसान भी इसका विरोध कर रहे हैं।

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि किसान इस नीति के खिलाफ हैं और उनका मानना है कि इससे राज्य की मंडियों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उनका कहना है कि इस नीति के कारण किसानों को अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलेगा, और APMC (अन्ना मंडी कमेटी) जैसी सरकारी मंडियां समाप्त हो जाएंगी। यह सरकारी मंडियों को खत्म करने का प्रयास है, जिसे पहले 2021 में रद्द किए गए कृषि कानूनों को वापस लाने की कोशिश माना जा रहा है।

विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा का तीखा हमला

इस दौरान, पंजाब विधानसभा में विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भा.ज.पा. पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में उन्होंने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी दी थी कि यह कानून किसानों के हित में नहीं हैं। बाजवा ने आरोप लगाया कि 700 से ज्यादा किसानों की मौत के बाद इन कानूनों को वापस लेना पड़ा। उन्होंने भा.ज.पा. को पंजाब विरोधी (एंटी-पंजाब) करार देते हुए कहा कि भाजपा पंजाब को राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर करने की साजिश कर रही है।

बाजवा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि उसने पंजाब के 8,000 करोड़ रुपये रोक लिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब सरकार पंजाब के हक के लिए सही लड़ाई लड़ना चाहती है तो उसे तगड़े वकील खड़े करने चाहिए और प्रधानमंत्री मोदी के घर के बाहर धरना देना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस कदम पर वह सरकार का समर्थन करेंगे।

भगत सिंह और अंबेडकर की तस्वीरों को लेकर कांग्रेस और AAP का समर्थन

सदन के बाद मंत्री हरपाल चीमा ने दिल्ली में भाजपा सरकार द्वारा भगत सिंह और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें हटाने का मुद्दा उठाया। इस पर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने AAP का समर्थन करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारत रत्न देने का प्रस्ताव सदन में उठाने की बात कही।

आवारा कुत्तों और करप्शन पर बहस

डॉ. नरिंदर कौर भराज ने आवारा कुत्तों के मुद्दे को उठाया, जिस पर मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार इस समस्या से निपटने के लिए पॉलिसी लेकर आ रही है।

विपक्ष नेता बाजवा ने करप्शन के आरोपों को लेकर चर्चा की और AAP पर आरोप लगाया कि पीएसपीसीएल (पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के अधिकारियों को दिल्ली चुनावों के लिए पैसे इकट्ठा करने का आदेश दिया गया था। इसके बाद बिजली मंत्री हरभजन सिंह और कांग्रेस के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

बाजवा ने यह भी आरोप लगाया कि 48 रेवेन्यू अफसर करप्शन में शामिल हैं और 1000 करोड़ रुपये हर महीने रिश्वत के रूप में चल रहे हैं, जिसे विजिलेंस जांच करानी चाहिए। इसके बाद स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने इस आंकड़े पर सवाल उठाए और AAP पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि यह आरोप एकतरफा नहीं हो सकते।

सदन में गर्माहट और विवादों के बावजूद पंजाब के राजनीतिक माहौल में इन मुद्दों पर बहस जारी रही।