केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना उन पर इशारा करते हुए कहा है कि जब राजस्थान के हितों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की ज़रूरत थी, तब वे संवाद से बच रहे।
जोधपुर पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में शेखावत ने कहा कि जल जीवन मिशन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए उन्होंने कई बार प्रयास किए, लेकिन तय कार्यभार के बावजूद बातचीत नहीं हो। उन्होंने कहा कि अब चाय पर चर्चा का निमंत्रण दिया जा रहा है, जबकि उस समय संवाद ज़्यादा ज़रूरी था।
जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन को लेकर शेखावत ने कहा कि प्रोजेक्ट से जुड़े ज़्यादातर तकनीकी काम पूरे हो चुके हैं। प्रधानमंत्री की उपलब्धियों के अनुसार उद्घाटन की तिथि तय की जाएगी और इसके बाद नई सुविधा जनता को समर्पित कर दी जाएगी।
आरएलपी उपचुनाव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से जुड़े बचे विवाद पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मर्यादित भाषा और स्वस्थ संवाद ज़रूरी है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से सार्वजनिक जीवन में शब्दों की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
कश्मीर में पर्यटन को लेकर शेखावत ने दावा किया कि केंद्र सरकार के प्रयासों से हालात में बड़ा बदलाव आया है और घाटी में एक बार फिर पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम सहित कई पर्यटन स्थलों पर रौनक लौट रही है।
जोधपुर की ‘ब्लू सिटी’ विरासत के संरक्षण पर उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार की नहीं बल्कि समाज और नागरिकों की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने आम लोगों और मीडिया से विरासत संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
अपने जोधपुर दौरे के दौरान शेखावत विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। उन्होंने तिंवरी में धार्मिक आयोजन में भाग लिया, खोखरी माता मंदिर में दर्शन किए और गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में अरदास की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की चुनावी सफलता के लिए की गई प्रार्थना पूरी होने पर वे गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय नागरिकों, भाजपा कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न स्थानों से बैठक कर क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की।

