कोटा, 2 अगस्त। रक्षाबंधन पर्व से पूर्व शनिवार को बपावर क्षेत्र में एक आत्मीय आयोजन के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने क्षेत्र की सैकड़ों ‘‘लाड़ली बहनों’’ से राखी बंधवाकर सेवा, समर्पण और विश्वास के इस पावन बंधन को श्रद्धा से निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव का विशेष वातावरण रहा। हजारों की संख्या में बहनें राखी और नारियल लेकर पहुंची। यह आयोजन पारिवारिक नहीं था, परंतु उसमें आत्मीयता, अपनापन और विश्वास का भाव साफ झलक रहा था। वीरांगना मधुबाला मीणा से सबसे पहले स्पीकर बिरला को राखी बांधी, इसके बाद परंपरागत रीति से बहनों ने तिलक कर, राखी बांधकर और नारियल भेंट कर लोकसभा अध्यक्ष की दीर्घायु और मंगलमय जीवन की कामना की।
हमारी सभ्यता का मूल स्तंभ नारी शक्ति है
बिरला ने कहा कि राखी का यह रक्षासूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और भाई की जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि माताएं और बहनें केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की भी धुरी हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सभ्यता का मूल स्तंभ नारी शक्ति ही है। मीराबाई, झांसी की रानी और पन्नाधाय जैसी विभूतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं त्याग, सेवा और बलिदान की जीवंत प्रतिमूर्ति रही हैं। आज भी जब किसी घर में संकट आता है, तो मां और बेटी सबसे पहले आगे बढ़ती हैं।
सशक्त महिलाएं ही विकसित भारत की नींव
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि महिलाओं की भागीदारी और प्रगति का उत्सव है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से सांगोद क्षेत्र में ‘सुपोषित मां अभियान’ की शुरुआत की गई है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को पोषण किट उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और सक्षम बन सके। नागर ने कहा कि सशक्त महिलाएं ही विकसित भारत की नींव हैं और यह पर्व इसी सोच को सशक्त करता है।

