जयपुर, 12 फरवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत हुए एमओयू को हर हाल में धरातल पर लागू करने के लिए कार्य कर रही है।
शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि एमओयू के क्रियान्वयन के लिए त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए एमओयू को धरातल पर उतारा जाए।
मुख्यमंत्री के विजन से एमओयू क्रियान्वयन में ऐतिहासिक प्रगति
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 1 लाख 66 हजार करोड़ रूपये से अधिक के एमओयू का क्रियान्वयन धरातल पर शुरू हो चुका है। जिसमें ऊर्जा, खनन, नगरीय विकास, उद्योग एवं कृषि क्षेत्र के निवेश शामिल हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के दौरान हुए एमओयू की समीक्षा के लिए त्रि-स्तरीय व्यवस्था की गई है। जिसके तहत 1 हजार करोड़ से अधिक राशि वाले एमओयू की समीक्षा प्रतिमाह नियमित रूप से मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं।
निवेशकों को एमओयू प्रगति की मिल रही जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित रखा जाए, ताकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके। इसी दिशा में राज्य सरकार द्वारा इन्वेस्टर इंटरफेस के माध्यम से निवेशकों को एमओयू क्रियान्वयन की प्रगति की जानकारी उपलब्ध करवायी जा रही है, इस संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि निवेशकों से समय-समय पर प्रगति की जानकारी साझा करें।
भूमि आवंटन के प्रकरणों की हो मॉनिटरिंग, अन्य स्वीकृतियों का हो सरलीकरण
उन्होंने निर्देश दिए कि भू-आवंटन से संबंधित शेष एमओयू प्रकरणों को प्राथमिकता से निस्तारित करें। उन्होंने भूमि आवंटन से संबंधित प्रकरणों की साप्ताहिक रूप से समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि भूमि आवंटन से जुड़ी रियायतों का भी सरलीकरण किया जाए। साथ ही, उन्होंने आवंटित भूमि श्रेणी के एमओयू की समीक्षा करते हुए कहा कि इस संबंध में जरूरी अन्य स्वीकृतियों का जल्द निस्तारण किया जाए, ताकि इन एमओयू के क्रियान्वयन में तेजी आ सके।
शर्मा ने निर्देश दिए कि ऐसे एमओयू जिनमें एक से अधिक विभागों की स्वीकृति आवश्यक है, ऐसी स्थिति में सभी संबंधित विभाग क्रियान्वयन प्रक्रिया को आपसी सामंजस्य के साथ तीव्र गति से पूरा करें।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आलोक, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव उद्योग श्री अजिताभ शर्मा, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव राजस्व दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन राजेश यादव, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव आयुर्वेद भवानी सिंह देथा सहित विभिन्न विभागों के शासन सचिव उपस्थित रहे।