ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने मंगलवार देर रात इज़राइल के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “जंग शुरू होती है। हम आतंकी इज़राइल को कड़ा जवाब देंगे और कोई दया नहीं दिखाएंगे।”
इस घोषणा के कुछ ही देर बाद ईरान ने इज़राइल की ओर 25 मिसाइलें दागीं। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की सैन्य शाखा IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने बताया कि बुधवार सुबह इज़राइल पर फतह मिसाइल से हमला किया गया।
बताया जा रहा है कि यह पहली बार है जब इस युद्ध में फतह-1 हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है। हाइपरसोनिक मिसाइलें ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक तेज़ होती हैं। IRGC का दावा है कि इन मिसाइलों ने इज़राइल के एयर डिफेंस सिस्टम को भेदते हुए कई सुरक्षित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन हमलों से इज़राइल को कितना नुकसान पहुंचा है।
इस बीच वॉशिंगटन स्थित एक मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान में कम से कम 585 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,326 लोग घायल हुए हैं।
हालांकि ईरानी सरकार ने अभी तक इस युद्ध में होने वाले नुकसान का पूरा ब्यौरा साझा नहीं किया है। सरकार की ओर से आखिरी आधिकारिक आंकड़ा सोमवार को जारी किया गया था, जिसके अनुसार 224 ईरानी नागरिक मारे गए थे और 1,277 घायल हुए थे।
क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब दोनों देशों की अगली रणनीति पर टिकी हैं।

