जयपुर : जयपुर के खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पटाखों के एक गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में रामगंज निवासी अब्दुल वाहिद की पहचान हो चुकी है, जबकि तीन अन्य शवों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। हादसे में झुलसे आजीम खान (18), नासिर खान (20), समीर खान (20) और बिलाल (22) को गंभीर हालत में एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी घायल खोह नागोरियान के रहीम नगर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
एसएमएस अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. आर.के. जैन के अनुसार समीर और नासिर करीब 95 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। वहीं बिलाल 75 प्रतिशत और आदिब 65 प्रतिशत तक जल गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनका उपचार कर रही है।
जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि आग खोह नागोरियान के आयशा नगर तलाई क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज के पास स्थित पटाखा गोदाम में लगी। प्रारंभिक जांच में किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पटाखे रखने का गोदाम संचालित किया जा रहा था, जबकि इसकी फैक्ट्री दूसरी जगह स्थित है। उन्होंने कहा कि पूरी जांच के बाद ही आग लगने के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। प्रथम दृष्टया यह गोदाम रिहायशी इलाके में अवैध रूप से संचालित पाया गया है। गोदाम मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधायक अमीन कागजी ने उठाए सवाल
हादसे के बाद क्षेत्रीय विधायक अमीन कागजी ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाके में बारूद और पटाखों का गोदाम संचालित हो रहा था, तो क्या इसकी जानकारी पुलिस को नहीं थी? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर स्थानीय लोग किस दबाव में थे कि किसी ने इसकी शिकायत नहीं की।
कागजी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले लोग चाहे किसी भी राज्य के हों, उनकी जान की कीमत समान है। उन्होंने प्रशासनिक विफलता को इस हादसे का बड़ा कारण बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अवैध कॉलोनी में संचालित हो रहा था गोदाम
जानकारी के अनुसार जिस क्षेत्र में यह पटाखा गोदाम संचालित किया जा रहा था, उसे पूरी तरह अवैध कॉलोनी माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित तहसीलदार और पटवारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
उधर, एसएमएस अस्पताल की मॉर्च्युरी में मृतक अब्दुल वाहिद का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि चार लोग घायल हैं। इनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि गोदाम मालिक के अलावा इस मामले में यदि किसी पुलिसकर्मी, मकान मालिक या अन्य व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

